स्कूल खुलने के बावजूद कुछ ही छात्रों ने लगाई कक्षाएं

रामपुर मंडल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल धार गौरा में पहुंचे40 छात्र , एसओपी का किया गया पालन

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रामपुर बुशहर : हिमाचल प्रदेश में करीब 6 माह बाद आज स्कूल खुल गए है लेकिन कोरोना महामारी के बीच अभिवावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। सरकार ने 2 नवंबर को प्रदेश के स्कूल 9वीं से 12वीं तक कि कक्षाओं के लिए खोलने का फ़ैसला लिया है और अविभावकों की अनुमति के बाद बच्चों ने स्कूल में आने शुरू किया कर दिया है।

स्कूल के पहले दिन रामपुर उपमंडल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल धार गौरा में 40 छात्र और छात्राएं पहुंची। जानकारी देते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल खुलने के पहले दिन ही धार गौरव सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 40 छात्र, छात्राएं नौवीं से बारहवीं तक के पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्कूल में किसी भी प्रकार की प्रार्थना सभा का आयोजन नहीं किया गया लेकिन छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ग्राउंड में खड़ा कर दिया गय। जहां पर उनके हाथों को सेनेटाइज किया गया और उनकी स्क्रीनिंग की गई।
प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्रों को स्कूल में एहतियात के तौर पर सभी गाइडलाइंस भी बताई गई। उन्होंने बताया कि स्कूल आने वाले छात्रों को सबसे पहले अपने अभिभावकों का सहमति पत्र लाना आवश्यक होगा इसके साथ ही उनके छात्रों को स्कूल में अनुमति दी जाएगी उन्होंने कहा कि जो छात्र स्कूल में आएंगे उनका स्वास्थ्य सही होना आवश्यक है और खांसी, जुखाम व बुखार वाले छात्रों को स्कूल में आना जरूरी नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि आज स्कूल में नौवीं से बारहवीं तक 40 छात्र और छात्राएं पहुंचे हैं जिनके अलग अलग सेक्शन बनाए हैं और उनकी क्लासें ली जा रही है। कोरोना काल में कुछ अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं तो कुछ अभिभावक कोरोना के डर से अपने बच्चों को स्कूल भेजना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।

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