पीएचसी ट्रहाई में नहीं डॉक्टर ,पांच वर्ष से सेवादार के सहारे चल रही पीएचसी..

इलाज के लिए जाना पड़ रहा शिमला-सोलन

0
226

मशोबरा चिकित्सा ब्लॉक के अन्तर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ट्रहाई में पिछले पांच वर्षों से  डॉक्टर और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ नहीं है। इस कारण इस क्षेत्र की तीन पंचायतों के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर लॉकडाउन के दौरान यहां के निवासियों को इलाज करवाने में बहुत दिक्कत आ रही है। पिछले पांच सालों से यह पीएचसी सेवादार के सहारे चल रही है ।
पीएचसी ट्रहाई का उद्घाटन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर द्वारा 16 अप्रैल 2016 किया गया था। परंतु गत पांच वर्षों के दौरान सरकार द्वारा इस पीएचसी में कोई भी चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद स्थाई रूप से नहीं भरे गए। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो वर्ष पहले इस पीएचसी के लिए सरकार द्वारा डॉक्टर की नियुक्ति की गई थी  परंतु डॉक्टर द्वारा इस दूरदराज क्षेत्र में सेवा करने की बजाए अपनी अस्थाई ड्यूटी शिमला व इसके आसपास स्वास्थ्य संस्थान में लगा दी जाती है और वेतन पीएचसी ट्रहाई के खाते से ड्रॉ किया जा रहा है ।
गत जनवरी माह के दौरान स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलकर स्थाई तौर पर डॉक्टर नियुक्त करने की मांग की थी। उसके उपरांत कुछ दिन तक डॉक्टर सप्ताह में दो बार बैठने लगे थे परंतु पिछले चार माह से कोई भी चिकित्सक इस संस्थान में उपलब्ध नहीं है जिस कारण इस क्षेत्र के लोगों को छुटपुट बिमारी के इलाज के लिए लॉकडाउन के दौरान टैक्सी करके शिमला अथवा सोलन जाना पड़ता है जिसके एवज में भारी भरकम राशि अदा करनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा इस पीएचसी के नाम पर बहुत बड़ा धोखा किया गया है जबकि यह पीएचसी तीन पंचायतों के लिए खोली गई थी परंतु इसका लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ है ।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ.सुरेखा चोपड़ा ने बताया कि उन्हें इस बारे कोई भी जानकारी नहीं है। उन्होंने पीएचसी में डॉक्टर को भेजने के लिए शीघ्र ही कार्यवाही का आश्वासन दिया। ।  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here