शिमला के जोनल अस्पताल डीडीयू को चार जिलों के लिए कोविड सेंटर बनाना दुर्भाग्यपूर्ण ..विक्रमादित्य

जिलों के अपने मेडिकल कॉलेज ही कोविड-19 के मरीजों के लिए निर्धारित करने का किया आग्रह

0
203

दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल शिमला को चार जिलों का कोविड सेंटर बना दिया गया है जिसके तहत किन्नौर, सोलन, सिरमौर और शिमला के कोरोना संक्रमित मरीजों को यहां इलाज के लिए लाया जाएगा विधायक शिमला ग्रामीण विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने कोरोना योद्धाओं को बिना हथियारों के लड़ने के लिए आगे कर दिया है। उन्होंने सरकार से इन जिलों के अपने मेडिकल कॉलेज में ही कोरोना मरीजों के लिए सुविधाएं देने का आग्रह किया है।

कोविड सेंटर बनाना दुर्भाग्यपूर्ण:

प्रदेश सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार राज्य और जिला स्तर पर कोविड -19 से निपटने और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने में असफल रही है और अब सरकार द्वारा शिमला के जोनल अस्पताल को चार जिलों के लिए कोविड सेंटर बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पूर्व कोविड -19 संक्रमण के शुरुआती दौर में महामारी से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने शहर के बीचोंबीच इस जोनल अस्पताल को दो जिलों शिमला और किन्नौर जिले के लिए कोविड सेंटर बना दिया था जिस पर शहरवासियों और अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा भी आपत्ति जताई गई थी लेकिन सरकार ने इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की।

चिकित्सकों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की है कमी:

अब फिर सरकार ने इस छोटे से जोनल अस्पताल पर जहां पहले ही मरीजों की भारी संख्या रहती है और साथ ही जहां पूरी तरह से चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं ऐसे में प्रदेश सरकार ने इस पर चार जिलों के मरीजों का भार डाल दिया है जबकि अस्पताल में अपेक्षित चिकित्सकों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की भी भारी कमी है। अस्पताल में फिलहाल अभी दो रेडियोलॉजिस्ट, दो गॉयनेकॉलाजिस्ट और एक ही एनेथेसिस्ट है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में प्रदेश की एक तिहाई जनसंख्या का बोझ डालना अस्पताल के लिए वहन करना मुश्किल होगा ।

बिना हथियारों के दिया धकेल:

उन्होंने कहा कि सरकार वेंटिलेटर की बात करती है लेकिन वह भी अभी अस्पताल में लग नहीं पाए हैं और इन वेंटिलेटर्स को चलाने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं करवा पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना योद्धाओं को लड़ाई लड़ने के लिए बिना हथियारों के धकेल दिया है। उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ बिना चिकित्सा सुविधाओं के किस प्रकार इस स्तिथि से लड़ पाएंगे।

अपने मेडिकल कॉलेज ही कोविड-19 के मरीजों के लिए हो निर्धारित :

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नाहन में मेडिकल कॉलेज और सोलन में एमएमयू मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद जोनल अस्पताल पर चार जिलों के कोविड-19 मरीजों का भार लादना सही नहीं है। अस्पताल में मेडिकल स्टाफ और सुविधा न होने से विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि इन जिलों के अपने मेडिकल कॉलेज ही कोविड -19 के मरीजों के लिए निर्धारित किया जाएं और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में पूरी चिकित्सा सुविधाएं दी जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here