फ्लाइट और ट्रेनों के यात्रियों को एसओपी जारी …

एयरलाइन और ट्रेन टिकट वैध होंगे दस्तावेज़ :

0
203

राज्य सरकार के  प्रवक्ता ने आज जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में घरेलू उड़ानों और ट्रेनों द्वारा यात्रियों की आवाजाही के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है।

आरोग्य सेतु ऐप डाॅउनलोड करना अनिवार्य:

उन्होंने कहा कि फ्लाइट और ट्रेनों द्वारा राज्य में आने वाले लोगों के एंड्राॅइड और आईओएस फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाॅउनलोड करना अनिवार्य होगा। बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग के दौरान गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) द्वारा जारी किए गए सामाजिक दूरी और अन्य दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

एयरलाइन और ट्रेन टिकट वैध होंगे दस्तावेज़ :

हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने की अनुमति देने से पहले हवाई अड्डे व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। हिमाचल प्रदेश की सीमा चेक पोस्ट/ज़िले के प्रवेश द्वारों पर आईएलआई/फ्लू जैसे लक्षणों की जांच के लिए थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी। एयरलाइन टिकट, वैध बोर्डिंग पास और कन्फर्म ट्रेन टिकट हिमाचल प्रदेश में हवाई अड्डे, टर्मिनलों और रेलवे स्टेशनों से आगे संबंधित क्षेत्रों की यात्रा के लिए वैध दस्तावेज़ होगें। राज्य में प्रवेश करने के लिए राज्य प्राधिकारियों की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यात्रियों को राज्य के प्रवेश द्वारों पर अपनी पहचान के लिए एक वैध आईडी कार्ड ले जाना अनिवार्य होगा।

जोन के हिसाब से किया जाएगा कोरेटिंन:

प्रवक्ता ने कहा कि हवाई अड्डे/रेलवे स्टेशन से आगे की यात्रा के लिए टैक्सी की आवश्यकता वाले यात्रियों को राज्य के भीतर पहुंचने के लिए केवल अधिकृत और सत्यापित टैक्सियों का उपयोग करना होगा। राज्य सीमाओं से प्रवेश/निकास केवल सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक की अनुमति होगी। रेड जोन से आने वाले यात्रियों को अनिवार्य रूप से ज़िला प्रशासन द्वारा 14 दिनों के कोरेंटिन के लिए संस्थागत कोरेंटिन केंद्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑरेंज/ग्रीन ज़ोन से आने वाले यात्रियों को कोविड-19 के परीक्षण के बाद ही एमओएचएफडब्ल्यू के दिशा-निर्देशों के अनुसार 14 दिनों के लिए होम कोरेंटिन के लिए भेजा जाएगा। यदि व्यक्ति ज़िला प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए संस्थागत क्वारंटीन के अलावा किसी भी बेहतर क्वारंटीन सुविधा का उपयोग करना चाहते हैं, तो भुगतान के आधार पर व्यवस्था की जाएगी। 

कोविड-19 टेस्ट करवाना आवश्यक:

उन्होंने कहा कि संस्थागत कोरेंटिन में रखे गए सभी लोगों को कोरेंटिन अवधि के 6 से 10 दिनों के बीच कोविड-19 टेस्ट करवाना आवश्यक होगा और यदि यह नेगेटिव पाया जाता है, तभी उसे होम कोरेंटिन में भेजा जाएगा। यदि व्यक्ति यात्रा की तारीख से पहले पिछले 3 दिनों के भीतर आईसीएमआर द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला से जारी की गई उसकी व्यक्तिगत कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव पाई जाती है, तो इस स्थिति में संस्थागत कोरेंटिन की बजाए उन्हें होम कोरेंटिन में भेजा जा सकता है। ऐसे व्यक्ति को कोविड-19 नियमों के अन्तर्गत 14 दिन के स्वयं स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के संबंध में अपनी अंडरटेकिग देनी होगी। यदि किसी स्तर पर व्यक्ति कोविड-19 पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसे शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा बनाए गए चिकित्सा सुविधा केंद्र में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

आशा वर्कर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता करेंगे निगरानी:

सभी लोगों को संस्थागत कोरेंटिन सुविधा छोड़ने के बाद अपने आने की सूचना स्थानीय शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को देना ज़रूरी है। संबंधित स्थानीय शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि कम से कम अगले 14 दिनों के लिए स्थानीय आशा वर्कर व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद से ऐसे लोगों की नियमित निगरानी करेंगे। यदि व्यक्ति में सर्दी बुखार जैसे या कोविड-19 के लक्षण पाए जाते है, तो संबंधित आशा वर्कर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता मामले को शीघ्र स्वास्थ्य अधिकारियों के ध्यान में लाएंगे। स्वास्थ्य अधिकारी तुरंत व्यक्ति की कोविड-19 जांच के लिए सैंपल लेंगे और टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा घरेलू उड़ानों के लिए जारी दिशा निर्देशों का सभी यात्रियों को कड़ाई से पालन करना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here