शिमला स्मार्ट सिटी परियोजना के संबद्ध विभागों के समन्वय व सहयोग से होगी क्रियान्वित

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शिमला स्मार्ट सिटी परियोजना को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए संबद्ध विभागों के समन्वय व सहयोग की नितांत आवश्यकता है। इस परियोजना पर लगभग 2905.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार वीसी फारका ने यह जानकारी आज मिशन स्मार्ट शिमला के तहत शहरी विकास विभाग द्वारा होटल हाॅलीडे होम में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में अध्यक्षता करते हुए दी। वीसी फारका ने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शिमला नगर क्षेत्र को पुनर्विकास और पुनर्निमाण बिंदुओं के अंतर्गत विभिन्न 50 निर्माण कार्यों के माध्यम से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुनर्निमाण के तहत सड़कों, बस अड्डों के सुधार, पार्किंग स्थलों के निर्माण, विद्युत केबल पाईप लाईन निर्माण, स्ट्रीट लाईटों के पुर्नस्थापन, ई-शौचालयों के निर्माण, लिफ्ट व एस्केलटर निर्माण, अग्निशमन प्रतिरोधक प्रणाली में सुधार तथा लिफ्ट से लक्कड़-बाजार व ढली के समानांतर सुरंग निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। पुनर्विकास प्रस्ताव के तहत लोअर बाजार, सब्जी मंडी, गंज बाजार, कृष्णा नगर क्षेत्र को नए मास्टर प्लान के अनुरूप पुनर्निमित करना शामिल करना है।

उन्होंने कहा कि अधिकारी परियोजना से संबंधित प्रस्ताव समयबद्ध तैयार कर उसे लागू करें। उन्होंने कहा कि शिमला नगर के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहयोग व सहायता इस परियोजना के लिए दी जाएगी। उन्होंने लोगो निर्माण प्रतियोगिता के तहत अक्षित कपिला को श्रेष्ठ ‘लोगो’ बनाने के लिए पुरस्कृत किया। उन्होंने बताया कि छात्र द्वारा बनाया गया लोगो ही मिशन का ‘लोगो’ होगा। स्लोगन राईटिंग के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली की 8वीं कक्षा की छात्रा को पुरस्कृत किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव, शहरी विकास विभाग मनीशा नन्दा ने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी प्रस्ताव को शिमला के लगभग एक लाख एक हजार 561 नागरिकों से प्रत्यक्ष सुझावों के आधार पर तैयार किया गया था, जिसमें ट्रैफिक जाम समस्या, सार्वजनिक वाहन, पार्किंग व पैदल पथ, जलापूर्ति, ठोस कचरा व तरल कचरा प्रबंधन, पार्क व खेल मैदान मूलभूत विषयों के संबंध में सुझाव प्राप्त हुए थे।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत शिमला का चयन अत्यंत गौरवमयी है। उन्होंने कहा कि इस मिशन को क्रियान्वित करने के लिए संबद्ध विभागों के साथ-साथ नगरवासियों का भी सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इसमें राज्य सरकार और नगर निगम की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी स्पेशल पर्पज व्हीकल की नोटिफिकेशन जल्द जारी की जाएगी, जिसमें बोर्ड आॅफ डायरेक्टर के अतिरिक्त सिटी एडवाइजरी फाॅर्म का गठन किया जाएगा, जिसमें अधिकारियों के अतिरिक्त नगर के अन्य लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर नगर निगम महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शिमला नगर के विकास के लिए नगर निगम द्वारा हर संभव सहायता व सहयोग प्रदान किया जाएगा। शिमला नगर के गौरवमयी ऐतिहासिकता के विकास के लिए नगर निगम द्वारा निष्ठापूर्वक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। नगर निगम के आयुक्त जीएस नेगी ने सभी का आभा व्यक्त किया। इस अवसर पर नगर निगम के महापौर राकेश कुमार, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, संबद्ध विभागों के उच्चाधिकारी एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व सदस्य सम्मिलित हुए।

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