‘वेले का लंगर’ छह सालों का चुनौतियों भरा सफर

ऑलमाइटी ब्लेसिंग्स संस्था द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार से ग्रीन हाउस प्रोजेक्ट के जल्द उद्घाटन का किया आग्रह ,साथ ही किए गए कार्यों का किया गया अवलोकन तो नए कार्यों की दी जानकारी ...

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ऑलमाइटी ब्लेसिंग्स सामाजिक संस्था द्वारा प्रदेश के राज्य स्तरीय अस्पताल आईजीएमसी में पिछले 6 सालों से लंगर चलाया जा रहा है। निरंतर चले आ रहे इस लंगर में प्रतिदिन सैंकड़ों लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। 25 अक्तुबर को इस लंगर सेवा को पूरे छः साल हो चुके हैं। सरबजीत सिंह बॉबी वेले द्वारा चलाए जा रहे इस लंगर सेवा को सबसे पहले चलाया गया था तब से लेकर आज तक उनके तर्ज पर प्रदेश के अन्य 12 जगहों पर भी लंगर चलाया जा रहा है।

“भूखा कभी भी नखरे नहीं करता है, लंगर में आकर हर कोई पेट भर खाना खाता है और सेवा की इच्छा रखने वाले लोग आगे बढ़ कर साथ देते हैं” ..वेला बॉबी

मुश्किलों और चुनौतियों भरा रहा छह सालों के सफर:

ऑलमाइटी ट्रस्ट द्वारा इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में सरबजीत सिंह बॉबी ने कहा कि केंसर अस्पताल में चाय बिस्किट और खिचड़ी से शुरू हुआ सफर बेहद मुश्किलों भरा रहा। सरकार और आईजीएमसी अस्पताल प्रशासन की शंकाओं और चुनौतियों को पार करते हुए आज ऑलमाइटी ब्लेसिंग्स संस्था के वेले का लंगर महा लंगर में बदल चुका है। जहां शुरुआत में पहले बहुत कम लोग ही आते थे वहीं अब सैंकड़ों की संख्या में लोग लंगर सेवा का लाभ उठा रहे हैं।

ग्रीन हाउस का जल्द उद्घाटन करने का किया आग्रह:

पत्रकार वार्ता के दौरान सरबजीत सिंह ने बताया कि केंसर पीड़ित रोगियों के लिए रात को ठहरने के लिए ग्रीन हाऊस का निर्माण संस्था द्वारा चिन्हीत भूमि पर सरकार के सहयोग से किया जा रहा है जिसका औपचारिक उद्घाटन 24 अगस्त 2020 को कर दिया गया था लेकिन कोविड-19 और कुछ अन्य कारणों से निर्माण कार्य अधूरा रह गया है। 40 रोगियों के लिए बनाए जा रहे ग्रीन हाउस के कार्य को जल्द पूरा करने का आग्रह करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सहजल और शहरी विकास मन्त्री सुरेश भारद्वाज से ग्रीन हाऊस का उद्घाटन नई चिकित्सा विभाग की ओपीडी के साथ करने का आग्रह किया।

तीमारदारों के लिए भी हो व्यवस्था:

रोगी कल्याण समिति का नाम रोगी-तीमारदार कल्याण समिति रखने का सुझाव देते हुए सरबजीत सिंह बॉबी ने कहा कि अस्पताल में मरीजों के साथ-साथ उनके साथ आए तीमारदार भी परेशानी का सामना करते हैं। ऐसे में तीमारदारों की सुविधा के लिए कोई भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने आईजीएमसी अस्पताल और साथ ही कमला नेहरू अस्पताल में प्रसूति के लिए आई महिलाओं के साथ आए पुरूष तीमारदारों के लिए भी रहने की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुरुषों को कॉरिडोर या सड़कों पर ही रात गुजारनी पड़ती है।
इसके साथ ही संस्था द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न समाज सेवी कार्यों का अवलोकन किया गया साथ ही संस्था द्वारा नये कार्यों को आरंभ करने के बारे में चर्चा की गई।

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