संक्रमित के पाए जाने के बाद भी डाकघर को बंद करने के मूड़ में नहीं डाक प्रबंधन..

कर्मचारी के संक्रमित होने की जानकारी के बाद लोगो में डर का माहौल ,डाक लेने से कतरा रहे लोग , जीपीओ में बावजूद लोगों की जुट रही भारी भीड़ ,ऐसे में संक्रमण होने के आसार ...

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शिमला जनरल पोस्ट ऑफिस में अभी हाल ही में महिला कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। इनके कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से कार्यालय में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों में भी डर और चिंता का माहौल बन गया है। कर्मचारियों ने संक्रमण होने की आशंका के चलते डाकघर को बंद करने की प्रशासन से मांग की थी लेकिन मांग के बावजूद डाकघर को बंद नहीं किया गया।

सेनेटाइज करने के बाद काम यथावत सुचारू रूप से शुरू:

रविवार को कार्यालय को पूरी तरह से सेनेटाइज करने के बाद काम यथावत सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया जिस कारण बीते कल पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने अपना विरोध जताते हुए पोस्ट ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की थी कि कोरोना संक्रमित के पाए जाने के बाद पोस्ट ऑफिस को बंद कर दिया जाए लेकिन बावजूद प्रशासन की ओर से पोस्ट ऑफिस को बंद नहीं किया गया। ऐसे में कर्मचारियों में संक्रमित होने का डर घर कर गया है।

कर्मचारियों को दी गई कोरेंटिन होने की राहत:

हालांकि प्रदर्शन के बाद डाकघर प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को छुट्टी ले कर कोरेंटिन होने की छूट दे दी गई है।छूट के तहत कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी के संपर्क में आया कर्मचारी छुट्टी ले कर खुद को कोरेंटिन कर सकता है लेकिन पोस्ट ऑफिस को बंद नहीं किया जाएगा।

कर्मचारी लौटे फील्ड पर, लोग डाक लेने से रहे कतरा:

वहीं अब जीपीओ में कर्मचारी पहले की तरह ही काम पर आ रहे हैं और फील्ड स्टॉफ भी काम पर जुट गया है और उनके द्वारा डाक भी बांटी जा रही है,लेकिन डाक बांटने के लिए जो कर्मचारी फील्ड में जा रहे हैं, उनसे लोग घबरा रहे हैं। डाक लेना भी लोग सुरक्षित नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में संक्रमण की आशंका के चलते लोग डाक को घर के बाहर ही रखवा रहे हैं और उसे हाथ लगाने से भी परहेज कर रहे हैं । इसके बाद भी डाक विभाग की ओर से डाक सेवाओं को बंद नहीं किया गया है और उन्हें सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। यहां तक की कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी के प्राइमरी कांटेक्ट में आए 10 कर्मचारियों के संपर्क में आए लोग अभी भी जीपीओ में काम कर रहे हैं। ऐसे अगर कोई पॉजिटिव पाया जाता है तो यहां मामले बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। ऐसे में अभी भी कर्मचारियों की ओर से यही मांग की जा रही है कि एतिहात के तौर पर पोस्ट ऑफिस को कुछ दिनों के लिए बंद किया जाना चाहिए था।

कर्मचारियों ने की थी जीपीओ बंद करने की मांग:


अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ सेक्रेटरी पुरुषोत्तम चौहान ने कहा कि जीपीओ में एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जीपीओ को कुछ दिनों के लिए बंद करने की मांग में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था और लिखित में प्रबंधन से भी यह आग्रह किया गया था, लेकिन उसके बाद भी कार्यालय को बंद नहीं किया गया। मात्र कर्मचारियों को यह छूट दी गई है कि अगर वह खुद को सेल्फ कोरेंटिन करना चाहते हैं तो वह कर सकते हैं ।उसके लिए उन्हें छुट्टी दी जाएगी। उनका कहना है कि जो 10 कर्मचारी जो कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी के प्राथमिक संपर्क में आए है वह यहां जीपीओ में सभी कर्मचारियों के संपर्क में आए है ऐसे में यह लापरवाही आने वाले समय में भारी पड़ सकती है वहीं जो स्टाफ फील्ड में भी है उनसे भी लोग डाक लेने में कतरा रहे हैं और परहेज कर रहे हैं,लेकिन ना तो पोस्ट ऑफिस प्रबंधन और ना ही जिला प्रशासन विभाग को बंद करने के मूड में ही दिखाई दे रहा है न ही मामले के प्रति गंभीर ही नजर आ रहा है।

अभी भी जुट रही लोगों की भीड़,नहीं रख रहे दो गज की दूरी:

पोस्ट ऑफिस में एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बावजूद भी काम सुचारू रूप से चल रहा है। लोग भी बेपरवाह हो भीड़ जुटा रहे हैं। न तो लोग ही परहेज बरतते नजर आ रहे हैं ना तो पोस्ट ऑफिस प्रबंधन और ना ही जिला प्रशासन मामले में गंभीर हैं। लोग सामाजिक दूरी के लिए बनाई गई जगहों पर खड़े होने की जगह झुंड लगाकर पोस्ट ऑफिस के मुहाने पर ही जमघट लगाए खड़े हो रहे हैं हालांकि विभाग की ओर से थर्मल स्कैनिंग का प्रावधान जरूर किया गया है लेकिन लोगों के नित प्रति किसी न किसी कार्यवश डाकखाने का चक्कर लग ही रहा है ऐसे में संक्रमण की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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