सीबीआई की जांच फिर जाएगी खंगाली

गुड़िया रेप और मर्डर केस की पुनः जांच को लेकर हाईकोर्ट में दर्ज हुई याचिका

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गुड़िया रेप एंड मर्डर केस की पुनःजांच को लेकर याचिका आज हाई कोर्ट में दायर कर दी गई है। सीबीआई जांच से असंतुष्ट गुड़िया के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और सीबीआई जांच के खिलाफ अपील दर्ज की थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुड़िया के माता-पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश हाई कोर्ट को इस केस की जांच करने को कहा जिसके अंतर्गत आज गुड़िया के माता-पिता ने याचिका दायर की है। वकील देवेन भट्ट,भूपेंद्र चौहान और आशीष जमालटा ने गुड़िया केस की रीनवेस्टिगेशन की मांग को लेकर आज कोर्ट में पेटिशन दर्ज की।

सीबीआई की जांच शुरू से ही रही संदेहास्पद :

गुड़िया केस से जुड़े देवेन भट्ट ने कहा कि सीबीआई की जांच शुरू से ही संदेहास्पद रही है और मामले को घुमाया जाता रहा है। सीबीआई नए-नए तथ्यों के साथ कोर्ट में पेश होती रही फिर चरानी को बतौर आरोपी अदालत में पेश कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने 2017 में गुजरात के गांधीनगर में हुई गिरफ्तार आरोपियों के हुए नार्को टेस्ट की रिपोर्ट भी अदालत में पेश नहीं की साथ ही उनकी रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी जिस पर बाद में कोई जांच हुई ही नहीं। जांच साधारण चरानी तक ही सीमित हो कर रह गई। उन्होंने कहा कि इस मामले की अब पुनः जांच की आवश्यकता पड़ी है। उन्होंने निष्पक्ष पुनःजांच की मांग करते हुए कहा कि असल आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ कर गुड़िया के माता-पिता को न्याय मिले और आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए।

बेटी को इंसाफ देने के लिए रखेंगे लड़ाई जारी:

वहीं गुड़िया के पिता-माता ने न्याय की उम्मीद जताते हुए कहा कि उन्हें कोर्ट पर विश्वास है और उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने सीबीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई द्वारा मामले को निपटाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्पष्ट तौर पर नजर आ जाता है कि इस जघन्य अपराध को अकेले चरानी अंजाम नहीं दे सकता था । उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ घटित दरिंदगी के पीछे रसूखदारों का हाथ है और इनको बचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी को इंसाफ देने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

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