कोरोना माध्यम बन रहे बाहरी राज्यों से आने वाले लोग : डीजीपी मरडी

होम कोरेंटिन का पालन कर समाज के प्रति कर्तव्य को निभाए

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हिमाचल प्रदेश का कोरोना ग्राफ बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों में संक्रमण के कारण बढ़ रहा है जो कि बेहद चिंताजनक स्तिथि है। लोगों ने कर्फ़्यू में रह कर  लोगों ने धैर्य का परिचय दिया है और प्रदेश सुरक्षित था। कोरोना के मामले लगभग खत्म होने को थे लेकिन अब दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों में हुए कोरोना संक्रमण ने अचानक से स्तिथि खराब कर दी है। ग्रीन जोन बनने की राह में अग्रसर प्रदेश कोविड-19 की  गिरफ्त हो गया है। डीजीपी मरडी ने अपने जनता के नाम दिए वीडियो संदेश में लोगों से होम कोरेंटिन के नियमों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि लोग समाज और अपने परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या में बढ़ोतरी होने से खतरा बढ़ा है।उन्होंने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले 60 हजार से ऊपर हो चुके हैं जबकि 1900 के करीब लोगों की मौत हुई है। लेकिन मृत्यु दर में हल्की कमी आना राहत भरा है। डीजीपी मरडी ने कि बाहर से आने वाले लोगों से अपील की है होम कोरेंटिन का सख्ती से पालन करें। घरों में बुजुर्गों व बच्चों से उचित दूरी बनाए रखें और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए मास्क का भी इस्तेमाल करें और अपना कमरा और दैनिक जरूरत की चीजें  भी अलग ही रखें। उन्होंने कहा कि कोरेंटिन की समय सीमा उपायुक्त तय करेंगे। साथ ही बाहरी राज्यों से आए लोगों को होम कोरेंटिन में भेजना है या संस्थागत कोरेंटिन में ये निर्णय भी उपायुक्त ही करेंगे।

होम कोरेंटिन का नहीं हो रहा पालन:उन्होंने कहा कि देखने में आया है कि कुछ लोग होम  कोरेंटिन को हल्के में ले रहे हैं और पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों की अहवेलना करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही किए जाने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा साथ ही संस्थागत कोरेंटिन में भी भेजा जाएगा। 
 डीजीपी मरडी ने जानकारी देते हुए कहा कि  होम कोरेंटिन का पालन न करने वाले काफी लोगों की शिकायत आ रही है। यह शिकायतें ऊना और बिलासपुर जिले से आ रही हैं। पुलिस विभाग द्वारा आगामी कार्यवाही के लिए शिकायत संबंधित जिलों के उपायुक्तों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा किशिमला जिला में कर्फ़्यू का उल्लंघन करने पर 18 और कांगड़ा में 36 एफआईआर दर्ज की गई है। मंडी के बल्ह में लेडी कांस्टेबल के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं।पुलिस, डाक्टर्स और फ्रंट लाइन वारियर्स के अलावा मरीजों के साथ किए जा रहे भेदभाव को निंदनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों को इस वक्त  देखभाल और उत्साहवर्धन की जरूरत है।

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