जिले के भीतर पास की अब नहीं जरूरत…

रेड जोन और इंफ्लुएंजा लक्षणों वाले लोग होंगे संस्थागत क्वारंटीन ।

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अब जिले के अंदर आवाजाही के लिए पास की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन एक जिले से दूसरे जिले के लिए परमिट चाहिए होगा। सीएम जय राम ठाकुर ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि बीबीएन को छोड़कर अन्य राज्यों में परमिट से लोग आवागमन कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की जरूरत पर बल देने और होम क्वारंटीन को और प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों से होम क्वारंटीन में रखें गए लोगों पर पंचायती राज संस्थाओं व स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से नजर रखने की बात कही साथ ही होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने की बात भी कही।

रेड जोन से आने वाले होंगे संस्थागत क्वारंटीन :

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 68000 लोगों ने राज्य में प्रवेश करने के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया है। उन्होंने रेड जोन क्षेत्रों से लोगों के आने के कारण संस्थागत क्वारंटीन सुविधा की आवश्यकता होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में इस तरह की सुविधाओं की पर्याप्त संख्या में पहचान कर उन्हें चिन्हित करें और यह भी ध्यान रखें कि ये केंद्र व्यस्त क्षेत्रों से दूर हों और इन केंद्रों में  शौचालय  सुविधाओं और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। रेड जोन से आने वाले और इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी लोगों को भी संस्थागत क्वारंटीन पर रखने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच करने के बाद ही संस्थागत क्वारंटीन या होम क्वारंटीन में रखने का फैसला किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा यूक्रेन से आने वाले 300 विद्यार्थियों को भी संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा।

जांच के बाद ही जा सकेंगे घर:

जय राम ठाकुर ने कहा कि बेंगलुरु से विशेष ट्रेन 13 मई को सुबह 6.00 बजे ऊना पहुंचेगी और थिविम, मड़गांव और करमाली (गोवा) से एक और विशेष ट्रेन 15 मई, 2020 को ऊना पहुंच जाएगी। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की प्रदेश वापसी के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और स्थिति सामान्य बनी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले लोगों की चिकित्सा जांच सुनिश्चित करने के उपरांत ही उन्हें उनके सम्बन्धित जिलों में जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सुविधाएं प्रदान के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टी.एस.रावत उत्तराखंड में फंसे हुए प्रदेशवासियों को देहरादून तक पहुंचाने की आवश्यक व्यवस्था करने के आग्रह पर सहमत हो गई है। 

अधिकारियों ने रखे अपने विचार:

मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि राज्य से जाने वाले प्रवासी मजदूरों को एक साथ न भेज कर इन्हें चरणबद्व तरीके से भेजा जाए और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं। साथ ही बैठक में उपस्थित डीजीपी एस.आर. मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर.डी. धीमान, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा व जेसी शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने भी अपने विचार रखे। वहीं राज्य के उपायुक्तों ने देश के विभिन्न भागों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अपने-अपने जिलों में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। 

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