हिमाचल में चाय, काॅफी की पैदावार में भी अपनाई जाएगी प्राकृतिक खेती

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हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक कृषि राज्य बनाने के लिए नए वित्तिय वर्ष में 50 हजार किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती विधि से जोड़ा जाएगा। राज्य सचिवालय में प्रधान सचिव कृषि ओंकार शर्मा की अध्यक्षता में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की चैथी राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस मौके पर प्रधान सचिव कृषि ने सभी जिलों से आए प्रोजेक्ट डायरेक्टर और विषयवाद विशेषज्ञों को वर्ष 2019-20 के लिए तय किए गए लक्ष्य के पूरा होने पर बधाई दी, साथ ही उन्होंने कहा कि नए वित्तिय वर्ष में अतिरिक्त 50 हजार किसानों को इस खेती विधि से जोड़ने के साथ हिमाचल प्रदेश में 20 हजार हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती विधि से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 1 लाख किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक किया जाएगा। प्रधान सचिव ने कहा कि आने वाले सीजन में कृषि विभाग के सभी फार्माें में प्राकृतिक खेती के माॅडल खड़े किए जाएंगे। कृषि विभाग के इन फार्माें में प्राकृतिक खेती विधि के तहत फसलें उगाने के साथ बीज भी तैयार किया जाएगा ताकि आने वाले वर्षाें में किसानों को बीज मुहैया करवाए जा सके।

गौशाला के नालीकरण के लिए मिलेंगे 8 हजार रूपये
बैठक के दौरान प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजा के राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर ने कहा कि इस साल हमने 50 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इससे बढ़कर 53971 किसानों ने इस खेती विधि को अपनाया है। राकेश कंवर ने कहा कि इस साल प्राकृतिक खेती से जुड़े सभी किसानों को गौशाला के नालीकरण के लिए 8 हजार रूपये दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चाय और काफी उत्पादन में भी प्राकृतिक खेती पद्धति को प्रयोग में लाया जाएगा।
बैठक में प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों को विशेष पहचान पत्र भी दिया जाएगा। किसान-बागवानों के उत्पादों को मार्केट मुहैया करवाने के लिए मार्केटिंग बोर्ड की दुकानों में स्टाॅल लिए जाएंगे साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादांे की दुकान खोली जाएगी। बैठक में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो राजेश्वर सिंह चंदेल, उप निदेशक एसपीएनएफ डाॅ दिग विजय शर्मा, विषयवाद विशेषज्ञ डाॅ सुनिल पटियाल, बागवानी विकास अधिकारी डाॅ किशोर शर्मा, कृषि प्रसार अधिकारी डाॅ सुरेंद्र चंदेल सहित सभी जिलों के जिला स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। 

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