हाथरस घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण: सतपाल सिंह सत्ती

महिलाओं का सम्मान करना हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य, अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त कानून बनाए राज्य सरकारें

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भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय मासूम बेटी के साथ हुई दरिदंगी और उसकी मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उन्होनें समाज में महिला अपराध की दिन प्रतिदिन बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में असामाजिक तत्व लिप्त होते हैं जिनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही करनी आवश्यक है क्योंकि इस तरह की घटनाओं से पूरा समाज शर्मसार होता है।

अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त कानून बनाना राज्य सरकारों का दायित्व:

सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि यह घटना केवल एक राज्य की नहीं है बल्कि इस तरह की घटनाएं आए दिन हर राज्य में देखने-सुनने को मिल रही है। उन्होनें कहा कि यह प्रत्येक राज्य सरकार का दायित्व है कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए, तभी महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को रोका जा सकता है। उन्होनें कहा कि सभी सामाजिक संस्थाओं को आम लोगों को मिलकर महिलाओं के सम्मान और नशे से होने वाले नुकसानों के बारे में समाज में जागरूकता के कार्यक्रम करने चाहिए क्योंकि अकसर देखा गया है कि इस तरह के कुकृत्यों को केवल नशे में संलिप्त व्यक्ति ही अंजाम देते हैं।

राजनीतिक दल से जोड़कर देखना सरासर गलत :

भाजपा नेता ने कहा कि कुछ लोग इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे किसी भी राजनीतिक दल से जोड़कर देखना सरासर गलत है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं और यूपी की योगी सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है जो सात दिनों के अंदर मामले से जुड़ी सम्पूर्ण रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। साथ ही इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी ताकि पीड़िता एवं उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।

महिलाओं का सम्मान करना हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य:

सतपाल सत्ती ने कहा कि देश व प्रदेशों में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए व आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए यह आवश्यक है कि सरकारें सख्त कानूनों का प्रावधान करें ताकि असामाजिक तत्वों के मन में कानून का भय व्याप्त हो। साथ ही समाज में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व भी बनता है कि वह महिलाओं के प्रति अपनी सोच में सम्मान व आदरभाव रखे, क्योंकि भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

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