197 साल के इतिहास में पहली बार नवरात्रों में सूना रहा कालीबाड़ी मंदिर

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शिमला के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में नवरात्र में नवमी की पूजा के लिए जहां श्रद्धालुओं की भीड़ बड़ी संख्या में हर वर्ष जुटती थी वहीं इस वर्ष कोरोना वायरस के कहर के चलते मंदिर एकदम सुनसान है। प्रशासन द्वारा जनता की सुरक्षा के लिए 14 अप्रैल तक कर्फ्यू लगाया गया है और हर प्रकार के सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम प्रतिबंधित हैं। हालांकि प्रशासन रोजाना सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक कर्फ्यू में ढील भी दे रही है। इस दौरान कुछ श्रद्धालु मुख्य द्वार से ही मां के दरबार में हाजरी लगा रहे हैं। 197 वर्ष के लंबे इतिहास में यह पहली बार है जब कालीबाड़ी मंदिर के कपाट बंद है। नवरात्र पर सैंकड़ों भक्त मां के दर्शन करने के लिए आते थे पर आज कोरोना वायरस ने भक्तों को घरों में बंद होने के लिए मजबूर कर दिया है। जयकारों से गूंजते मां के दरबार में आज चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है। मां के दर्शनार्थ लगती लंबी-लंबी कतारें आज नहीं है। नवमी की महाआरती देखने के लिए मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा करता था पर कोरोना महामारी के कारण मंदिर खाली है। हालाकिं मंदिर में नवरात्र की पूजा यथावत चल रही है। बंद कपाट के भीतर मां काली के पुजारी आरती और पूजा-पाठ आदि का कार्य सुचारू रूप से कर रहे हैं और भक्ततगण भी अपने घरों में ही पूजा कर रहे हैं।

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