किसानों के लिए वरदान सिद्ध हुई ’’मुख्यमत्री खेत संरक्षण’’ योजना

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शिमला। प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही ’’मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना’’ किसानों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नष्ट किए जाने पर किसान खेती करने से विमुख हो गए थे और ग्रामीण परिवेश में अधिकांश खेतहर भूमि बंजर हो गई थी। ’’मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना’’ का जीवन्त उदाहरण राजगढ़ विकास खंड के बागना गांव में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिला है।
बागना गांव के राकेश भगनाल का कहना है कि उन्होंने जंगली जनवरों से तंग आकर खेती संबंधि कार्यो को छोड़ ही दिया था और वह आजीविका के लिए किसी अन्य कार्यो की तलाश में जुट गए। अकस्मात राकेश भगनाल की मुलाकात राजगढ़ स्थित कृषि विभाग के अधिकारी से हुई जिनके द्वारा उन्हें ’’मुख्यमंत्री खेत संरक्ष्ण योजना’’ बारे विस्तार से जानकारी दी गई। विषय वाद विशेषज्ञ कृषि के अनुसार इस योजना के तहत कंपोजिट सौर फैंसिंग करने के लिए 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है जिसमें किसान को केवल 30 प्रतिशत का शेयर ही देना पड़ता है। कृषि विशेषज्ञ द्वारा दी गई जानकारी से राकेश भगनाल काफी प्रभावित हुए और उन्होंने इस योजना का लाभ लेने का संकल्प लिया।
इस योजना का लाभ लेने के लिए विभाग से निर्धारित प्रपत्र लेकर राकेश भगनाल अपने गांव पहुंचे और उनके द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर कृषि विभाग राजगढ़ को प्रस्तुत किया गया, जिसके उपरान्त कृषि विभाग द्वारा 440 मीटर क्षेत्र में कंपोजिट सौर फैंसिंग लगाने के लिए 5 लाख 36 हजार 383 रूपये की राशि स्वीकृत की गई। इस योजना के तहत उन्हें कृषि विभाग के द्वारा तीन लाख 75 हजार 468 रूपये का अनुदान दिया गया, जबकि राकेश भगनाल ने कंपोजिट सौर फैंसिंग संचालित बाड़ लगाने के लिए अपनी जेब से मात्र एक लाख 60 हजार 915 रूपये ही व्यय किए। उनका कहना है कि इस फैंसिंग की खास बात यह है कि यह फैंसिंग जल्दी खराब नहीं होती। इसमें जमीन से लगभग 4 से 5 फुट की ऊंचाई तक बिना करंट की घनी जालियों के ब्लॉक लगाए जाते हैं, जबकि उसके ऊपर करीब 3 फुट ऊंचाई पर सौर उर्जा से जुड़ी करंट वाली लारें लगी होती है, जिससे कोई भी जानवर यहां तक कि बंदर भी अंदर नहीं आ सकते हैं। इसमें करंट केवल जालियों के ऊपरी तरफ ही रहता है और उससे नीचे यह पूरी तरह से बंद रहती है जिससे किसान अपनी फसलों को जानवरों से सुरक्षित रख सकते हैं। कंपोजिट सौर फैंसिंग लगाने के बाद अब उन्हें फसलों की पहरेदारी करने से भी विशेष रूप से राहत मिली है।
राकेश भगनाल का कहना है कि इस योजना से उन्हें भरपूर लाभ मिला है और जंगली जानवरों, बंदरों तथा अन्य पशुओं के आतंक से तो निजात मिली है साथ ही उनके बगीचे में लगाए गए सेब के पौधे तथा लहसुन व अन्य फसल भी सुरक्षित होने से उनकी आमदनी भी दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने इस योजना का लाभ प्रदेश के किसानों व बागवानों के खेतों तक पहुंचा कर जंगली जानवरों और पशुओं से उन्हें राहत प्रदान करने लिए प्रदेश सरकार तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।

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