कॉंग्रेस के विधायकों ने राज्यपाल का न केवल रास्ता रोका बल्कि धक्कामुक्की पर उतारू हो गए जो एक निंदनीय कृत्य है: भारद्वाज

0
406

शिमला। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विपक्षी विधायकों द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण के बाद किए हुए व्यवहार को अनुचित ठहराया।
भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा की एक गरिमा होती है और सभी सदस्यों का आचरण उसकी सीमा में होना चाहिए। आज अभिभाषण के बाद जब राज्यपाल वापस जा रहे थे तो कॉंग्रेस के विधायकों ने न केवल उनका रास्ता रोका बल्कि धक्कामुक्की पर उतारू हो गए जो कि एक निंदनीय कृत्य है।
भारद्वाज ने कहा कि ऐसा व्यवहार न तो हिमाचल विधानसभा की न ही प्रदेश की संस्कृति है।
उन्होंने कहा कि मुद्दों को लेकर विरोध करना गलत नहीं है। लेकिन विपक्ष चाहता तो सदन के अंदर अपनी बात रख सकता था लेकिन उन्होंने सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का रास्ता अपनाया। ऐसे व्यवहार की भर्त्सना होनी चाहिए। ये सीधा सीधा संविधान का उल्लंघन है।
भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस अभी भी अपनी दमनकारी मानसिकता की गुलाम है। इसी कॉंग्रेस ने 1975 में देश को आपातकाल के अंधकार में धकेला था और आज भी इसी मानसिकता का परिचय देते हुए माननीय राज्यपाल महोदय के साथ अशिष्ट व्यवहार किया।
मंत्री ने कहा कि हम सदन में चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कॉंग्रेस सदन से भागी है, चर्चा से भागी है क्योंकि उनके पास मुद्दे नहीं है और यदि कुछ है तो तो झूठे तथ्य जो सदन में चर्चा करने से सभी सामने आ जाते।
उन्होंने कहा कि सदन ने 5 सदस्यों के सत्र के खत्म होने तक निलंबन का प्रस्ताव पास किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here