आईजीएमसी शिमला में कोरोना संक्रमित डॉक्टर ने किया आत्महत्या का प्रयास

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शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में बने कोविड आइसोलेशन वार्ड में एक मरीज ने आत्महत्या का प्रयास किया है.पेशे से डॉक्टर व्यक्ति ने नुकीली चीज से अपने दोनों बाजुओं की कलाई काट डाली तभी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों की नजर उस पर पड़ी और बाद में उसे उपचार दिया गया.डॉक्टर शहर के कसुम्पटी क्षेत्र के रहने वाले हैं.हैरानी की बात है कि घटना के समय उसके माता-पिता भी आइसोलेशन वार्ड में दाखिल थे.फिलहाल डाक्टर हालत स्थिर बनी हुई है.घटना को लेकर आईजीएमसी में अफरा-तफरी का माहौल रहा. पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक डॉक्टर ने मानसिक तनाव के चलते वारदात को अंजाम दिया. पुलिस के मुताबिक डॉक्टर 5 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था.इसके बाद उसकी पत्नी और माता-पिता भी पॉजिटिव आए थे.

इस बीच पत्नी होम आइसोलेट थी जबकि डॉक्टर अपने माता-पिता के साथ आईजीएमसी में बने आइसोलेशन वार्ड में दाखिल था. देर शाम इसने नुकीली चीज से अपने बाजुओं की कलाई काटकर लहूलुहान कर दिया. फिलहाल आईजीएमसी के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर बलवीर वर्मा की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है.गौरतलब है कि इससे पहले डीडीयू अस्पताल में एक महिला मरीज ने फंदा लगाकर जान दे दी थी.जिसके बाद सरकार ने तत्कालीन एमएस का तबादला कर दिया.

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