स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन की पूर्ति के लिए ऊर्जा भंडारण प्रणालियां व्यवहार्य समाधान हैं: नन्‍द लाल शर्मा

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शिमला। नन्द लाल शर्मा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने आज शिमला में पंप स्टोरेज- अवसर एवं चुनौतियाँ सहित ऊर्जा भंडारण पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। नंदलाल शर्मा केंद्रीय सिंचाई और विद्युत बोर्ड (सीबीआईपी), सोसाइटी ऑफ पावर इंजीनियर्स, इंडिया एंड एफ्रो एशियन रिजन द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास मंच, शिमला, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, इंडिया के सहयोग से आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे।

इस अवसर पर सीबीआईपी के सचिव  ए. के. दिनकर, सीईआरसी के पूर्व सदस्य  ए.एस. बख्शी, एचपीएसईबी के प्रबंध निदेशक श्री पंकज डडवाल,  इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), हि.प्र. चैप्टर, शिमला के अध्यक्ष विश्व मोहन जोशी, एमएसईटीसीएल के सदस्‍य/निदेशक(प्रचा.) अनिल कोलप और सीबीआईपी के निदेशक संजीव सिंह भी उपस्थित रहे।

प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए, नन्द लाल शर्मा ने कहा कि ऊर्जा भंडारण प्रणालियां डीकार्बोनाइज्ड ऊर्जा मिश्रण की दिशा में ऊर्जा परिवर्तन के सहायतार्थ व्यवहार्य समाधान हैं। पंप स्टोरेज परियोजनाएं  (पीएसपी) दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों के साथ व्यावसायिक रूप से उपलब्ध भंडारण ऊर्जा के सबसे बड़े रूपों में से एक है और इसमें अत्यधिक ऊर्जा दक्षता है।

एसजेवीएन भारत की नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल पोर्टफोलियो लगभग 42,000 मेगावाट है, जिसमें अखिल भारतीय विद्युत मंत्रालय द्वारा चिन्हित 12,610 मेगावाट की 10 पंप स्टोरेज परियोजनाएं शामिल हैं।

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