करसोग में 11.55 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण , 8 पंचायतों को रोजाना मिलेगा पानी

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करसोग।  करसोग उपमंडल के तहत अब कई पंचायतों में लोगों को अब पेयजल संकट निजात मिलेगी। यहां जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने शनिवार को 11.50 करोड़ की लागत से तैयार परलोग खड्ड- मांहूनाग उठाऊ पेयजल योजना को जनता लिए समर्पित किया है। ऐसे में अब आठ पंचायतों के तहत पड़ने वाले 54 गांव में लोगों को रोजाना पानी की सप्लाई मिलेगी। इस योजना से मांहूनाग, सरतेयोला, कांडी सपनोट, मेहरन, घैणी शैदल, कलाशन, खील व मशोग पंचायत के अंतर्गत 91 बस्तियों में 5;889 आबादी की प्यास बुझेगी। वर्ष 2014 में स्वीकृत हुई इस योजना के तहत 2.95 लाख व 76 हजार लीटर क्षमता के 2 मुख्य भंडारण टैंक बनाए गए हैं, जबकि विभिन्न स्थानों पर 9 उप भंडारण टैंक भी बने हैं। जहां से रोजाना लोगों को पानी की सप्लाई दी जाएगी। बस्तियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए दो चरणों में 250 अश्व शक्ति व 180 अश्व शक्ति की पंपिंग मशीनरी स्थापित की गई हैं। ये योजना करीब सात में बनकर तैयार हुई हैं। जिससे अब पानी की सप्लाई मिलनी शुरू हो जाएगी। ऐसे में लोगों को अब पेयजल संकट से निजात मिल जाएगी। बता दें कि लंबे सूखे की वजह से ग्रामीण इन दिनों पेयजल समस्या से जूझ रहे है। लोगों को अभी सप्ताह में एक बार ही पानी की सप्लाई छोड़ी जाती है। जिससे ग्रामीणों का गुजारा नहीं हो रहा है। ऐसे में लोगों को मनरेगा के तहत बने टैंकों में जमा बारिश का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है,लेकिन पेयजल योजना के उद्घाटन से लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी। इस अवसर पर विधायक हीरा लाल, भाजपा मंडलाध्यक्ष कुंदन ठाकुर, पंचायत। समिति सदस्य भास्कर शर्मा सहित जल शक्ति विभाग मंडी के चीफ इंजीनियर धर्मेंद्र गिल, अधीक्षण अभियंता उपेंद्र वैद्य, अधिशाषी अभियंता रजत शर्मा व सहायक अभियंता किशोरी लाल चौहान उपस्थित रहे।

जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि परलोग खड्ड- मांहूनाग उठाऊ पेयजल योजना का विधिवत उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि 11.55 करोड़ की इस योजना से कई पंचायतों में अब लोगों को रोजाना पीने के लिए शुद्ध जल मिलेगा। अगले महीने 25 करोड़ की सरौर खड्ड उठाऊ पेयजल योजना का भी उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार के कार्यकाल में करसोग विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ की पेयजल योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। इससे सूखे से प्रभावित होने वाले सरौर से बखरौट तक अगले कई सालों तक पेयजल संकट नहीं रहेगा।

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