कोरा ज्ञान देना छोड़ बागवानों की समस्या का समाधान करे भाजपा -किरण धांटा

0
447

शिमला। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के रोहड़ू के महेंदलि सब्जी मंडी के निरीक्षण  के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर  पर दिये गये बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता किरण धांटा ने पलटबार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के बागवानों के मुख्य आय का स्त्रोत सेब  ही है,और उनके हितों की रक्षा की आवाज बुलंद करना कांग्रेस का काम है। सेब के व्यापार पर ही बागवानों के पारिवारिक जीवन का निर्वाह होता है। किरण धान्टा ने कहा बागवानों के हितों की रक्षा करना उनकी  साल भर की मेहनत को उचित दाम दिलाना कांग्रेस का कर्तव्य है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर  ने बार -बार भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को बागवानों के हितों के प्रति सचेत किया था। शहरी विकास मंत्री शिमला ज़िला के हैं लेकिन बागवानों के हितैषी न बनकर अडानी अम्बानी की पेहेरवी करने मैं व्यस्त है ।बागवानों को सेब के उचित मूल्य दिलवाना सरकार का दायित्व है मगर असलियत यह है कि समय रहते सरकार ने सेब बागवानों के हितों की रक्षा पर कोई पग ही नही उठाया । सरकार को सेब सीजन शुरू होने से पहले बागवानों के उत्पादों को अच्छे दामो पर बेचने की व्यवस्था करनी चाहिए थी ।मंत्री के बयान से यह साफ जाहिर होता है कि सरकार बिचोलियों का बचाव कर रही है ।   धान्टा ने कहा बागवानों को आज 2011 के सेब के दाम मिल रहे है जबकि सेब कार्टन ,मजदूरी और मंडी तक सेब ले जाना आज 2021 के अनुसार महंगाई की चरम सीमा को छू रहा है। इसकी जिम्मेदार सत्तासीन सरकार है मगर  यह अडानी ,लदानी की गुलाम है। उन्होंने कहा जो सत्तासीन सरकार आम जन के हितों का हनन करती हो क्या उस को सही दिशा में लाना कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का कर्तव्य नहीं है।आज सत्तासीन सरकार बुरी तरह से बागवानों की सहायता करने में असफल हुई है। मंडियों में गिरता सेब का दाम तीन काले कानूनों कता  दुष्परिणाम है और भाजपा के नेता शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज बागवानों को अर्थशास्त्र का ज्ञान बांटते नज़र आते है। उन्होंने  भाजपा के शहरी विकास मंत्री  को नसीयत देते हुये कहा कि मंत्री जी ये ज्ञान भाजपा के लोगों में बांटे और बागवानों के लिए सेब के अच्छे मूल्यों को मंडी में लायें। उन्होंने  आगे कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर  बागवानों के हितों के लिये काम करते है न की कोरा ज्ञान बांटते है क्योंकि वह खुद एक बागवान है और बागवानों का दर्द अच्छे से समझते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here