मुख्यमंत्री ने केलांग व उदयपुर में 66.50 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए

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शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत जिला लाहौल-स्पीति के लिए 136 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से लाहौल क्षेत्र में 72 करोड़ रुपये तथा स्पीति क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला लाहौल-स्पीति के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान जिले के केलांग तथा उदयपुर में लगभग 66.50 करोड़ रुपये की लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने आज जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर में लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत की 16 विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास किए।
जय राम ठाकुर ने 1.45 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जाहलमा के आवासीय भवन, 5 करोड़ रुपये की लागत से माॅडल कैरियर सेंटर उदयपुर के भवन, 8.10 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उदयपुर के भवन, 45 लाख रुपये की लागत से जाहलमा में वन निरीक्षण कुटीर, 64 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति योजना त्रिलोकनाथ के संवर्धन कार्य तथा 55 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति योजना मडग्रां के संवर्धन कार्य का शिलान्यास किया।


मुख्यमंत्री ने 2.86 करोड़ रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना शांशा, 1.01 करोड़ रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना हिन्सा, 77 लाख रुपये की लागत की बहाव सिंचाई योजना बड़ा अगार, 57 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना बलगोट के विशेष मुरम्मत तथा निर्माण कार्य, 1.03 करोड़ रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना शकोली वरदंग के कमान क्षेत्र विकास के निर्माण कार्य, 53 लाख रुपये की लागत से राशील क्षेत्र के लिए बहाव सिंचाई योजना, 78 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना किशोरी के कमान क्षेत्र विकास के निर्माण कार्य, 66 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना नालडा के कमान क्षेत्र विकास के निर्माण कार्य और 39 लाख रुपये की लागत से बहाव सिंचाई योजना अरसेडी नाला के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने 93 लाख रुपये की लागत से उदयपुर में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के उपभोक्ता सेवा केन्द्र एवं उप-मण्डलीय कार्यालय के निर्माण का शिलान्यास भी किय।
जय राम ठाकुर ने कहा कि लाहौल घाटी में सिंचाई सुविधा, बाढ़ से सुरक्षा तथा पेयजल सुविधाएं प्रदान करने पर 6.72 करोड़ रुपये तथा सीवरेज व पेयजल योजनाओं पर 4.61 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 1.17 करोड़ रुपये व्यय कर 14 आवासीय क्षेत्रों में पेयजल सुविधा तथा 1470 नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतांग टनल से क्षेत्र में पर्यटन विकास के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था जिसे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इस टनल से क्षेत्र को वर्ष भर हर मौसम में सड़क सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि घाटी में पर्यटकों के आगमन में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है, जो यहां के लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्हांेने कहा कि घाटी में 407 होम स्टे खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष घाटी अप्रत्याशित बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान 10 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है तथा प्रदेश सरकार ने तुरन्त क्षेत्र में राहत तथा बचाव कार्य किए है। उन्होंने कहा कि उदयपुर में हाल ही में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर, हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना, सहारा योजना, शगुन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने प्रदेश के लोगों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री ने उदयपुर में अग्निशमन उप केन्द्र खोलने, उदयपुर में उप खण्ड को पूर्ण विकास खण्ड में स्तरोन्नत करने, माध्यमिक विद्यालय किशोरी और भुजंद को उच्च विद्यालय में स्तरोन्नत करने, मडग्रां में पशु चिकित्सा अस्पताल खोलने, जाहलमा में उप तहसील खोलने, उप तहसील उदयपुर को तहसील में स्तरोन्नत करने, उदयपुर में एचआरटीसी का उप डिपो खोलने और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर को नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि लाहौल घाटी में बाढ़ की घटना के पीडि़तों को किन्नौर में प्रभावित परिवारों की तरह चार गुणा अधिक मुआवजा दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी सुना।
तकनीकी शिक्षा, जनजातीय विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डा. राम लाल मारकण्डा ने अपने गृह क्षेत्र में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य के जनजातीय क्षेत्रों के लिए जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत बजट बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उदयपुर में बाढ़ पीडि़तों को शीघ्र 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अटल टनल ने घाटी के लोगों के भाग्य में बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि घाटी में संचार नेटवर्क को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से हाल ही में बाढ़ के दृष्टिगत किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उदयपुर में हिमाचल पथ परिवहन निगम का उप डिपो खोलने का भी आग्रह किया।
सदस्य जनजातीय सलाहकार समिति शमशेर सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें क्षेत्र की विभिन्न मांगों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से उदयपुर में विकास खण्ड के लिए आग्रह किया।
इस अवसर पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष प्रेम दासी और क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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