बाल-बालिका सुरक्षा योजना के तहत 100 अनाथ व असहाय बच्चों को 14.42 लाख के वित्तीय लाभ प्रदानः- आशुतोष गर्ग

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कुल्लू । जिला बाल संरक्षण समिति कुल्लू की प्रथम त्रैमासिक प्रगति समीक्षा बैठक आज उपायुक्त आशुतोष गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि जिला में बाल-बालिका सुरक्षा योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के 100 अनाथ व असहाय बच्चों को 14 लाख 42 हजार 203 रूपए के वित्तीय लाभ प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। बलात्कार पीड़ितों के लिए पुनर्वास सहायता योजना के तहत 2 मामलों में  1 लाख 37 हजार 150 रूपए की अनुदान राशि पीड़िता के बचत व एफ.डी खाते में डाली गई है।
    उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त 8 लाभार्थियों को वर्तमान वित वर्ष की प्रथम तिमाही  के अंतर्गत 1 लाख 80 हजार रूपए की राशि वितरित  की जा चुकी है। बैठक में चाईल्ड लाईन मनाली 1098 के व्याप्क प्रचार हेतु ग्राम पंचायतों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर प्रदर्शित करने बारे भी चर्चा की गई। इस दौरान गत बैठक में छः विभिन्न मुद्दों पर लिए गए निर्णयों की भी समीक्षा की गई।


     उपायुक्त ने बताया कि जिला कुल्लू में तीन बाल-बालिका गृह चलाए जा रहे हैं। बाल गृह कलैहली में कुल 13 बच्चे हैं जिनमें 9 अर्ध नाथ, 2 त्यागे हुए तथा 2 ऐसे बच्चे हैं जिनके माता-पिता जीवित हैं। वर्तमान में इस बाल देखभाल संस्थान में 4 बच्चे रह रहे हैं। कोविड-19 के कारण शेष बालक घर पर ही रहकर अपनी आॅनलाईन पढ़ाई कर रहे हैं। इसी प्रकार बाल-बालिका गृह चंद्र आभा मेमोरियल स्कूल फाॅर ब्लाईंड कुल्लू स्थित सरवरी में चलाया जा रहा है, जिसमें कुल 34 लड़के तथा लड़कियां हैं तथा कोविड-19 के कारण सभी बच्चे अपने घर पर रहकर ही आॅनलाईन पढ़ाई कर रहे हैं।
    उन्होंने बतराया कि कोविड-19  महामारी की स्थिति को देखते हुए सभी बाल देखभाल संस्थानों से घर चले गए 43 बालकों के खाते में मई, 2021 से 2 लाख 53 हजार 687 रूपए की राशि जमा की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सभी बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच प्रत्येक माह की जा रही है। बच्चों के उत्थान के लिए जिला बाल संरक्षण ईकाई के परामर्शदाता द्वारा कोविड-19 के  दौरान भी बालकों का परामर्श व्हाटस ऐप, वीडियो काॅल के माध्यम से किया जा रहा है। सभी बाल देखभाल संस्थानों में 1098 हेल्प लाईन नम्बर प्रदर्शित पटिटका स्थापित करने के साथ बाल देखभाल संस्थानों में सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। कोविड की जांच के लिए थर्मल स्कैनर, सैनेटाईजर, मास्क व सामाजिक दूरी की सभी बाल देखभाल संस्थानों में व्यवस्था उपलब्ध है।
         इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद्र, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कृष्णा, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष मनीष, श्रम अधिकारी डी.आर काईसथा, चाईल्ड लाईन मनाली की समन्वयक  के अतिरिक्त अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।     

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