प्रदेश सरकार को न तो बागवानों की कोई चिंता है और न ही किसानों की: राठौर

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शिमला। कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा सेब,आम व नींबू प्रजाति के फलों के समर्थन मूल्यों में मात्र एक रुपये की बृद्धि को ऊंट के मुंह मे जीरा की कहावत को चरितार्थ बताते हुए कहा है जयराम सरकार को न तो बागवानों की ही कोई चिंता है और न ही किसानों की।उन्होंने कहा है कि सरकार बागवानों व किसानों के हितों से खिलवाड़ कर रही है।सरकार इनकी कोई भी मदद नही कर रही है,और इन्हें अपने ही हाल पर छोड़ दिया गया है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।राठौर ने आज यहां एक बयान में प्रदेश में चार उपचुनावों से पहले मंडी संसदीय क्षेत्र समेत जुब्बल कोटखाई,फतेहपुर व अर्की विधानसभा क्षेत्रों में उनके मंत्रियों द्वारा की जा रही घोषणाओं को चुनावी घोषणाएं करार देते हुए कहा कि पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल में  सरकार ने इन क्षेत्रों की कोई सुध नही ली आज इन क्षेत्रों में अनेक लोक लुभावनी घोषणाएं कर लोगों को भृमित करने का पूरा प्रयास भाजपा के इन नेताओं द्वारा किया जा रहा है।राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के जुब्बल कोटखाई के दौरे को पूरी तरह चुनावी दौरा बताते हुए कहा कि दिवंगत नरेंद्र ब्राक्टा के जीते जी उन्होंने इस क्षेत्र की ओर कभी कोई ध्यान नही दिया।आज उनके जाने के बाद यहां उप मंडल व बीडीओ कार्यलय खोलने की घोषणा केवल राजनैतिक लाभ के लिए ही है।उन्होंने कहा की इस क्षेत्र में यह मांग बहुत पहले से की जा रही थी,और लोगों की सुविधा के लिए यह बहुत ही आवश्यक भी था पर  उन्हें संदेह है कि यह घोषणा पूरी होगी,क्योंकि भाजपा ने अब तक प्रदेश के लोगों से किये अपने कोई भी चुनावी वायदे पूरे नही किये है।कुलदीप राठौर ने बागवानों के साथ हो रहे अन्याय पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश में सेब सीज़न शुरू हो गया है।सड़कों की खस्ता हालत है। न तो सेब ढुलाई की सुमचित व्यवस्था की गई है और न ही विपणन की कोई व्यवस्था अब तक नही की गई है।उन्होंने कहा कि सरकार ने बागवानों को न तो समय पर फफूंद नाशक ही उपलब्ध करवाए और न ही किट नाशक।इसकी बजह से भी सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है।उन्होंने सरकार से मांग की है कि सेब के समर्थन मूल्यों में कम से कम 20 रुपए की बृद्धि की जानी चाहिए जिससे इन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकें।

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