अनलॉक-4 के दिशा निर्देशों को लागू करने को लेकर जल्दबाजी में नहीं प्रदेश सरकार

मंदिरों को खोलने के लिए एसओपी पर सरकार की तैयारी तो मॉनसून सत्र में चर्चा के बाद स्कूलों को खोलने पर लगेगी मोहर

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कोविड-19 महामारी का सामना करते हुए आज देश अनलॉक-4 तक पहुंच गया है। कोरोना संक्रमण के मामलों ने निसंदेह बढ़ोतरी हुई है लेकिन ठीक होने की दर भी बढ़ी है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने देश में अनलॉक-4 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिसके अंतर्गत कई नियमों में छूट दी गई है लेकिन वहीं प्रदेश सरकार ने अनलॉक-4 में कोई खास बदलाव नहीं किए हैं और ना ही प्रदेश सरकार इस संबंध में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में ही नजर आ रही है। प्रदेश में अभी भी मंदिर, स्कूल और होटल व्यवसाय को खोला नहीं गया है जबकि देश के अन्य भागों में काफी हद तक सीमित संख्या में प्रवेश की अनुमति दे दी गई है। 

अनलॉक -4 में अभी कोई खास बदलाव नहीं:

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अनलॉक-4 की प्रक्रिया में दी जाने वाली रियायतों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अनलॉक -4 में कोई खास बदलाव अभी नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अभी किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में नहीं है। कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सरकार धीरे-धीरे अनलॉक-4 के दिशा-निर्देशों की तरफ बढ़ेगी ।

मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने की आवश्यकता:

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की लगातार ट्रेसिंग की जा रही है जिसके चलते लोगों की मॉनिटरिंग संभव हो पाई है ,लोगों का रिकॉर्ड ट्रेस किया जा सका है लेकिन अभी भी बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने की दिशा में कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी जिलाउपायुक्तों को दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। जिससे कि राज्य में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि अभी भी बाहर से आने वाले लोगों की मॉनिटरिंग करना बेहद जरूरी है और इसके साथ ही उनको अपना पूरा विवरण देना भी आवश्यक है ताकि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा सकें और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ाया जा सके ।

मंदिरों को खोलने के लिए नहीं जल्दबाजी की जरूरत:

पिछले 5 महीनों से बंद पड़े धार्मिक स्थलों ,शिक्षण संस्थानों और होटल उद्योग के संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा की मंदिरों को खोलने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी मंदिरों में किसी भी प्रकार का कोई विशेष कार्यक्रम नहीं है इसीलिए मंदिरों को खोलने के लिए  किसी भी प्रकार की कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है लेकिन सरकार मंदिरों को खोलने के लिए तैयारी कर रही है। 

मॉनसून सत्र में विचार विमर्श के बाद होगा शिक्षण संस्थानों के खोलने को लेकर निर्णय:

इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी स्कूलों को खोलने में भी कोई जल्दबाजी नहीं है क्योंकि अभी 7 सितंबर से विधानसभा का मानसून सत्र आरंभ होने वाला है। सत्र में चर्चा के बाद सभी परिस्थितियों पर विचार करते हुए स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया जाएगा। 

मॉनसून के बाद खुलेगा होटल उद्योग:

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अनलॉक -4 के बाद प्रदेश में धीरे-धीरे होटल उद्योग भी खुलने की तैयारी कर रहा है। होटल व्यवसायियों में जहां कोरोना के चलते कारोबार खोलने और कारोबार में लाभ को लेकर संदेह था वहीं अब बरसात के बाद उन्होंने भी होटल खोलने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए नई एसओपी भी बना ली गई है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि देश-प्रदेश इस समय आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और ऐसे समय मे राज्य के विकास की गति बाधित ना हो इसके लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रयासरत है।

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