नहीं थम रहे मूक जानवरों के प्रति क्रूरता के मामले…

क्लच वायर में फंसे कुत्ते को किया डॉग कैचर्स ने रेस्क्यू ...

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देश में जानवरों के प्रति निर्दयता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। केरल और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में गर्भवती हथिनी और गाय को विस्फोटक खिलाने की अमानवीय घटनाओं के बाद राजधानी शिमला में स्ट्रे डॉग्स को चोट पहुंचाने के क्रूर मामले सामने आ रहे हैं। शहर में आए दिन कुत्तों को कड़की और क्लच में फंसा कर उनकी जान को जोखिम में डाला जा रहा है। आज शिमला के कालीबाड़ी मंदिर रोड पर एक ऐसा ही मामला सामने आया है जब एक स्ट्रे डॉग को स्थानीय निवासी सरिता चटर्जी की शिकायत पर नगर निगम के डॉग कैचर्स राकेश, राजबब्बर और हरदयाल द्वारा रेस्क्यू किया गया। इस कुत्ते के पांव में बड़ा जख्म था जो कि जानकारी के अनुसार  क्लच वायर से हुआ था। इस कुत्ते के जख्म को डॉग कैचर टीम के सदस्यों द्वारा साफ कर मरहम पट्टी की गई। इस कुत्ते को पहले भी तार में जकड़ा जख्मी हालात में पाया गया था तब भी लोगों की शिकायत पर टीम ने इसका इलाज किया था।

क्लच वायर और कड़की से डाला जा रहा कुत्तों की जान को जोखिम में:

स्थानीय लोगों के मुताबिक कुत्तों के प्रति क्रूरता के यह मामले लॉक डाउन पीरियड में लगातार बढ़ रहे हैं। कुछ समय पूर्व भी इसी जगह पर एक अन्य कुत्ते को रेस्क्यू किया गया था। उसके गले में क्लच वायर फंसी हुई थी जिससे उसके गले में गहरा घाव बन गया था। इस कुत्ते को इलाज़ के लिए वैटनरी हॉस्पिटल एडमिट करना पड़ा था। यह लगभग एक माह तक अस्पताल में एडमिट रहा था। यहां के लोग अब तक ऐसे 7 कुत्तों को रेस्क्यू कर चुके है। 
स्थानीय निवासी सरिता चटर्जी जो कि स्थानीय स्कूल में अध्यापिका हैं , उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो माह से कालीबाड़ी रोड पर 6 कुत्ते जख्मी हालात में मिले हैं। सभी क्लच वायर और कड़की द्वारा जख्मी अवस्था में थे। किसी कुत्ते के गले में तो किसी के पांव में यह वायर बुरी तरह फंसी हुई थी और इस कारण गहरे घाव बन चुके थे और दर्द के कारण परेशानी झेल रहे थे। अध्यापिका सरिता चटर्जी ने संदेह जताते हुए कहा कि इन कुत्तों के प्रति बरती जा रही क्रूरता के पीछे का कारण इनका शिकार है। उन्होंने कहा कि सभी कुत्ते वायर या कड़की में फंसे हुए मिले हैं। यह स्ट्रे डॉग्स को बचाने में जुटी हुई हैं। इन्हीं की वजह से इन कुत्तों को मुसीबत से बचाया गया है।

वहीं एक अन्य स्थानीय निवासी बलबीर सहोता ने बताया कि जब से लॉक डाउन हुआ है, कुत्तों के प्रति इस प्रकार के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुत्ता इंसान का सबसे वफादार दोस्त हैं और इनके प्रति ऐसी निर्दयता मानवता पर सवाल खड़े करती है।

वहीं नगर निगम के डॉग कैचर राकेश कुमार ने कहा कि स्थानीय व्यक्तियों की शिकायत पर अब तक छह से सात कुत्तों को बचाया जा चुका है। इन सभी को वायर से जकड़ा गया था। शिमला शहर के संजौली ,भज्जी हॉउस और नवबहार में कुत्तों के प्रति क्रूरता भरे मामले घटे हैं। वह लोगों की शिकायत पर फौरन पहुंच कर इन मूक प्राणियों के जख्मों पर मरहम पट्टी करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके मार्किट सुपरिटेंडेंट नीरज मोहन को स्थानीय लोगों की शिकायतें आ रही है और शिकायत पर अमल करते हुए कुत्तों को रेस्क्यू किया जा रहा है।

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