कोरोना वायरसः कोरोना की मार पर अब मुनाफाखोरों का वार…

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड 19 को महामारी घोषित किया और इसके चलते संगठन ने लोगों को एहतियातन बार-बार हाथ धोने या सेनेटाइजर के साथ माॅस्क के प्रयोग करने की सलाह दी है। इसी के चलते समस्त भारत में सेनेटाइजर और मास्क की मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इस बड़ी हुई मांग के बीच में मुनाफाखोरों ने सेनेटाजर और माॅस्क की कीमतों में चार गुणा तक की बढ़ोतरी कर दी है। साथ ही नकली सेनेटाइजर भी बाजार में पहुंचना शुरू हो गए हैं। भारत में अभी तक कोरोना के 82 मामले सामने आ चुके हैं और इनमें से दो लोगों की जान यह जानलेवा वायरस ले चुका है। हालांकि हिमाचल में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन डर के इस माहौल में मुनाफाखोरों ने सेनेटाइजर और माॅस्क के दामों में कई गुणा बढ़ोतरी कर दी है। टीएम न्यूज हब की टीम ने शिमला में इसका रियल्टी चैक किया और बाजार में बीक रहे सेनेटाइजर और माॅस्क की कीमतों को लेकर दर्जन भर दुकानों से आंकड़े एकत्रित किए। इस रियल्टी चैक के दौरान टीम ने पाया कि बाजार में बीकने वाले ज्यादातर सेनेटाइजर की कीमतें जो कुछ सप्ताह तक 75 रूपये तक थी, वो अब 200 के पार पहुंच चुकी हैं। वहीं चैंकाने वाली बात यह है कि शिमला के बाजारों में उपलब्ध ज्यादातर सेनेटाइजर की मैन्यूफैक्चरिंग मार्च माह की ही दर्शाई जा रही है। जो बाजार में पुराने स्टाॅक की जमाखोरी कर नए सामान को मंहगे दामों में बेचनकर मुनाफाखोरी की ओर इशारा कर रहा है।

सेनेटाइजर और माॅस्क की कीमतों की कैपिंग जरूरी
दहशत के इस माहौल में सरकार की ओर से अभी तक सेनेटाइजर और माॅस्क की कीमतों को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। जबकि सरकार को स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चाहिए था कि बाजार में बिक रहे सभी प्रकार के सेनेटाइजर और मा्ॅस्क की कीमतों की कैपिंग की जाए और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए विशेष जांच दस्ते बनाकर ऐसा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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