सीमा खोलने को लेकर सचिवालय के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन ..चेताया जल्द वापस ले अपना फैसला

मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, कहा... वापस न लिया फैसला तो उतरेंगे सड़कों पर

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जिला कांग्रेस शहरी के नेतृत्व में आज कांग्रेस ने कोविड 19 के दूसरे अनलॉक चरण में प्रदेश की सीमाओं को पूरी तरह खोलने के विरोध में राज्य सचिवालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने सरकार के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि जब तक इन सीमाओं पर कोविड -19 की जांच का आधार भूत ढांचा विकसित नहीं किया जाता तब तक इस फैसले को टाल दियाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के लोगों में कोविड-19 को लेकर डर फैलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में पर्यटन एवं अन्य व्यवसाय के विरोधी नहीं है पर अभी इस माहमारी के प्रति पूरी तरह सचेत रहने की बहुत आवश्यकता है इसलिए सरकार को इस फैसले पर जनहित में पुनर्विचार करना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि प्रदेश में होटल व्यवसायी व अन्य कारोबारी भी अभी इसके पक्ष में नहीं है,ऐसे में यह निर्णय तब तक टाल दिया जाना चाहिए जबतक की देश में इस माहमारी का प्रकोप खत्म नहीं हो जाता।उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रदेश में एक भी कोविड संक्रमित नहीं था जो अब 1150 के आसपास पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अब तक इस माहमारी से 9 लोगों की जान भी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाहर से आने वाले लोगों की सही ढंग से स्वास्थ्य जांच न होना कोरोना के फैलने का मुख्य कारण रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोविड-19 के सभी सुरक्षा मानकों का सही ढंग से सीमाओं पर पालन किया जाता तो आज प्रदेश इस गंभीर समस्या से बच सकता था। उन्होंने आरोप लगाया की प्रदेश सरकार से इसमें बड़ी चूक हुई है।

राठौर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश को कोरोना डेस्टिनेशन नही बनने दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश में कोविड19 के सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए इसकी रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना सरकार की पूरी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर इतनी कमजोर व्यवस्था है कि लोग फर्जी तरीके से प्रवेश कर रहें है।

राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस संदर्भ में ज्ञापन जिलाधीश अमित कश्यप के माध्यम से दिया। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से कांग्रेस ने मांग करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए सभी जनविरोधी निर्णयों को वापस लिया जाए।बसों में 25 प्रतिशत में किराया वृद्वि के प्रस्ताव को रद्द किया जाए। बिजली के बिलों में 125 यूनिट्स के ऊपर की गई बढ़ोतरी को भी वापसी लिया जाए। राशन की सब्सिडी से बाहर किए गए एपीएल परिवारों को पुनः शमिल किया जाए।कर्मचारी व पेंशन विरोधी निर्णयों को रद्द किया जाए। कर्मचारियों के भविष्य निधि ब्याज को जो कम किया गया है उसे बढ़ाया जाए। सभी कर्मचारियों का डी ए बहाल किया जाए। डीजल पेट्रोल की बड़ी कीमतें कम की जाए। पिछले चार महीनों से बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं कोई आर्थिक सहायता दी जाए।

इस धरना प्रदर्शन में कुलदीप सिंह राठौर के साथ पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी,शिमला शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी,ग्रामीण अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा,हरि कृष्ण हिमराल, वेद प्रकाश ठाकुर,जैनब चंदेल,निर्मला ठाकुर,इंद्र जीत सिंह,आनंद कौशल,सुशांत कपरेट,शशि ठाकुर,सुनीता शर्मा,कृष्णा देवी आकाश सैनी,राहुल मेहरा,धर्मपाल ठाकुर,देवन भट्ट,अतुल गौतम,प्रकाश चंद,रवि राणा,नीरज बक्शी,धीरेन्द्र गुप्ता,लाल सिंह ,मुकल गुप्ता,जशपाल ठाकुर,हिमाशु कुमरा,व कई अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

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