मुख्यमंत्री एक बीघा योजना ” देश भर में होगी लागू

भारत सरकार ने की सराहना

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प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास के मद्देनजर हाल ही में ‘मुख्यमंत्री एक बीघा योजना’ का शुभारंभ किया है। मनरेगा योजना को इस योजना के तहत जोड़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। इस योजना को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सराहा है और इस योजना को पूरे देशभर में लागू करने की घोषणा की है।

सचिव ग्रामीण विकास डाॅ.आर.एन.बत्ता ने आज जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश की ‘मुख्यमंत्री एक बीघा योजना’ की सराहना करते हुए इस योजना को देश भर में लागू करने की घोषणा की है।
डाॅ. आर.एन. बत्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा गत सप्ताह इस योजना का शुभारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की परिकल्पना की गई है। इस योजना केे तहत एक महिला या उसका परिवार जिनके पास एक बीघा (या 0.4 हेक्टेयर) तक की भूमि है, वह सब्जियों और फलों को उगाने के लिए बैकयार्ड किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं।उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना में 5,000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 1.50 लाख महिलाएं शामिल होंगी।

योजना के तहत लगभग पांच हजार परिवार शामिल:

मुख्यमंत्री द्वारा लागू की गई इस योजना में 5,000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 1.50 लाख महिलाएं शामिल होंगी। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी महिला को मनरेगा के तहत रोजगार पाने का अधिकार होगा। इसके अलावा महिलाओं के कौशल को बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा पहाड़ी भूमि को समतल करने, पानी को चैनेलाइज़ करने, वर्मी कम्पोस्ट पिट स्थापित करने और पौधे और बीज खरीदने के लिए अनुदान दिया जाएगा। आरंभ में लगभग पांच हजार परिवार शामिल किए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित पंचायतें प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद उनको मनरेगा शैल्फ में शामिल करने के लिए खंड विकास अधिकारी को भेजेंगी।


1.50 लाख महिला सदस्य पा सकेंगी एक लाख रुपये का लाभ :

इस योजना का उद्देश्य मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन का अभिसरण कर ग्रामीणों को किचन गार्डनिंग के लिए प्रोत्साहित करना है। स्वयं सहायता समूहों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सभी स्वयं सहायता समूह जो जाॅब कार्ड धारक हैं, वह इस योजना के तहत एक लाख रुपये का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत लगभग 1.50 लाख महिला सदस्य लाभान्वित होंगी।


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