संपर्क में आए सभी लोगों की हो रही ट्रेसिंग,लिए जा रहे सेंपल…आर.डी धीमान

कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा प्रभावी प्रयास

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के एहतियातन कोरेंटिन होने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग आरडी धीमान ने आज कहा कि 21 जुलाई को मंडी जिला से एक व्यक्ति आया था, जो कि जांच में कोरोना पाॅजिटिव पाया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में इस व्यक्ति की शिमला की ट्रैवल हिस्ट्री पाई गई है और इसने शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय में कुछ लोगों से मुलाकात की थी।

उन्होंने कहा कि आज प्रातः इस व्यक्ति के संपर्कों की जांच की गई, जिसमें तीन व्यक्ति पाॅजिटिव आए हैं, जिनमें उप सचिव पद पर तैनात एक अधिकारी भी शामिल हैं। पाॅजिटिव लोगों के संपर्क में आए सभी लोगों की ट्रेसिंग तथा सेंपल लिए जा रहे हैं और उन्हें होम कोरेंटिन में रहने का परामर्श दिया गया है।

इन लोगों के पांच दिन बाद पुनः सेंपल लेकर जांच की जाएगी और जांच में नेगेटिव आने के उपरांत ही वह कार्यालय आ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारियों और ओकओवर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्य करने वाले लोगों की जांच कर उन्हें होम कोरेंटिन का परामर्श दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां आरंभ की गई हैं। प्रदेश में अधिकांश पाॅजिटिव मामले अन्य राज्यों से आने वाले लोगों से संबंधित हैं। 14 जुलाई को प्रदेश सरकार द्वारा नई मागदर्शिका जारी की गई है तथा प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों का प्रोटोकाॅल पुनः निर्धारित किया गया है। अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को संस्थागत कोरेंटिन किया जाएगा और जांच में नेगेटिव आने के ही वह संबंधित क्षेत्र में कार्य कर सकते हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आर डी धीमान ने आज बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रति मिलियन 17 हजार सेंपल की जांच की जा रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति मिलियन 11 हजार सेंपल की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिक सेंपल की जांच होने के बावजूद पाॅजिटिव मामले कम हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के पैरामीटर अन्य राज्यों से बेहतर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार कोरोना संक्रमण दर पांच फीसदी से कम होनी चाहिए। प्रदेश में व्यापक कोरोना जांच परीक्षण करने के बावजूद कोरोना संक्रमण की पाॅजिटिव दर 1.3 प्रतिशत, जबकि कोरोना संक्रमण की मृत्यु दर 0.84 प्रतिशत है।

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