अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

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अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने आज यहां सभी संबंधित विभागों के साथ हिमाचल प्रदेश में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के कार्यान्वयन, निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए राज्य स्तरीय समिति की 14वीं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी हितकारक विभागों को कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निशा सिंह ने बैठक के दौरान विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के मुस्लिम, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख जैसे अल्पसंख्यक वर्गों के लोगों तक पहुँचने के निर्देश दिए ताकि उनका समुचित कल्याण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ विशेष रूप से जनजातीय जिलों के अल्पसंख्यक लोगों को भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह सरकार के अथक प्रयासों का परिणाम है कि भारत सरकार द्वारा प्रदेश में तीन एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) खण्डों लाहौल, स्पीति और पूह में 195 आँगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं जिनकी निगरानी अल्पसंख्यक कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत की जा रही है, जिनमें 3047 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में अल्पसंख्यक बस्तियों में कुल 468 आँगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह संतोषजनक है कि सिरमौर जिले में घुमंतू समुदाय गुज्जरों के लिए तीन मोबाइल गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जिनमें 42 बच्चों का नामांकन किया गया है। इन केंद्रों को औपचारिक स्कूलों में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश के छः गोम्पाओं में धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहेे सौ बौद्धधर्मी अल्पसंख्यक बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थी प्री-मैट्रिक अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना, अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजना और अल्पसंख्यक समुदायों की मेधावी लड़कियों के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि इन समुदायों के लोग अन्य योजनाओं जैसे स्वर्णजयंती शहरी रोजगार योजना, मेधा प्रोत्साहन योजना, राज्य और केंद्रीय सेवाओं में भर्ती और हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त और विकास निगम की ऋण सुविधाओं से भी लाभान्वित हों।

उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों में कार्यालयों, तहसीलों और स्कूलों में सूचना, शिक्षा एवं संप्रेषण सामग्री को प्रदर्शित किया जाना चाहिए और संस्थानों के प्रमुखों को भी इस बारे जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने अल्पसंख्यकों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआई एफटी) जैसे संस्थानों के साथ तालमेल स्थापित कर एक वर्ष और तीन वर्ष की विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया| निदेशक सामाजिक न्याय और अधिकारिता हंस राज चैहान और गैर-सरकारी सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।

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