हिमाचल बजट की घोषणाएं

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कोरोना संकट से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज शनिवार को हिमाचल विधानसभा में अपनी सरकार का चौथा बजट पेश कर रहे हैं। अध्यक्ष ने बजट पेश करने को कहा और मुख्‍यमंत्री ने बजट पढ़ना शुरू किया। मुख्‍यमंत्री ने कोरोना संकट का जिक्र किया।

योजना आयोग का नाम बदला गया, अब नी‍ति विभाग से जाना जाएगा।विकासात्मक गतिविधियों 9405 करोड़ रुपए का प्रस्ताव ।अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 2369 तथा जनजातीय विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 846 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। पिछड़ा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तावित है।

639 विधायक प्राथमिकता योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। विकास में जन सहयोग की राशि दोगुनी हुई। विधायक प्राथमिकता की वर्तमान सीमा को 120 करोड़ से बढ़ाकर 135 करोड़ रुपये किया किया जाएगा

गर्व का विषय है कि 25 जनवरी 2021 को हमने अपने पूर्ण राजस्व के 50 वर्ष पूरे कर के 51वें वर्ष में प्रवेश किया है पिछले वर्ष बजट प्रस्तुत करते हुए मैंने घोषणा की थी कि 2020 को स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और प्रदेश में भव्य आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बजट में की यह घोषणाएं

आईटआई संस्‍थानों में वीडियो कान्‍फ्रेंसिंग की सुविधा होगी।
पशु पालकों को विशेषज्ञ सुविधा देने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्‍ध करवाए जाएंगे, इसके लिए पांच करोड रुपये खर्च होंगे।
मिल्‍क फेड को 28 करोड का अनुदान उपलब्‍ध होगा। दूध खरीद मूल्‍य दो रुपये बढ़ाया गया।
शिमला व कांगड़ा में एक एक इकाई सजावटी मछली के लिए स्‍थापित होगी। ट्राउट मछलियों के 100 केंद्र स्‍थापित किए जाएंगे।
इज ऑफ डुइंग बिजनेस के नियमों में संशोधन होगा।
नारी सम्‍मान को सर्वोच्‍च प्राथमिकता है, इस वर्ष गृहणी योजना में 20 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
प्रदेश के पांच जिला में जापान की सहायता से चलाई जा रही जायका योजना पर 1055 करोड़ खर्च किए जाएंगे, इस योजना से सभी 12 जिलाें को जोड़ा जाएगा।
प्रदेश में प्राक्रतिक खेती के लिए 50 हजार नए किसानों को जोड़ा जाएगा, इसके लिए 20 करोड़ का बजट प्रस्‍तावित।
प्रदेश के दो कृषि व बागवानी संस्‍थानों के लिए पांच करोड का अनुसंधान कोष दिया जाएगा।
मंडियों के विस्‍तार के लिए 200 करोड खर्च किए जाएंगे।
राज्‍य मधुमक्‍खी बोर्ड के गठन की घोषणा की गई है।
पहाड़ी दालों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। सब्जियों मंडियों का विस्तार होगा। 200 करोड़ रुपये आधुनिक मंडियों के निर्माण के लिए प्रस्‍तावित किए गए हैं।
प्रदेश में फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पांच लाख पौधों का आयात होगा।
गृहणी सुविधा योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन व मुफ्त रिफिल के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया।
जायका के तहत 1055 करोड़ प्रोजेक्‍ट चलाया जाएगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, इसके लिए 20 करोड़ का बजट प्रस्‍तावित किया गया है।
प्रदेश में जिला स्तर का सुशासन के लिए उपायुक्त ने प्रतिस्पर्धा तथा इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए स्वर्ण जयंती डिस्ट्रिक्ट इनोवेशन फंड स्थापित किया जाएगा।
हर पंचायत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा होगी। 60 करोड़ का प्रावधान किया गया।
क्लास 2 क्लास 1 अधिकारी ऑनलाइन इनकम रिटर्न कर सकेंगे।

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