सजायाफ्ता कैदी सहित नाहन जेल के वार्डन को मिली जेल

न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने सुनाई सजा, 2019 में दुष्कर्म मामले में सजा काट रहा कैदी हुआ था फरार

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नाहन: न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी नाहन गीतिका कपिला की अदालत ने अस्पताल से फरार हुए सजायाफ्ता कैदी को एक साल सात महीने व लापरवाह जेल वार्डन को एक साल और एक-एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी अमरीक सिंह नेगी ने बताया कि मामला 2019 का है। उन्होंने बताया कि अदालत ने कैदी मुकेश कुमार पुत्र रामस्वरूप हाउस नंबर 138 नकोदर, जिला जालंधर (पंजाब) को आईपीसी की धारा 224 और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन के जेल वार्डन सचिन आईपीसी की धारा 223 के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है।

उन्होंने बताया कि 16 अगस्त 2019 को नाहन जेल के अधीक्षक जय गोपाल लोदटा ने पुलिस थाना नाहन में शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 अगस्त 2019 को जेल वार्डन सचिन के साथ बंदी मुकेश कुमार को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले गया था। इस दौरान ड्यूटी पर जेल वार्डन सचिन ने लापरवाही बरती और कैदी मुकेश अस्पताल के रास्ते से फरार हो गया। जिस पर नाहन पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार कैदी को पंजाब के नवांशहर से 19 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में दोनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर उसे अदालत में पेश किया। अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर दोनों दोषियों को शनिवार को यह सजा सुनाई।

उल्लेखनीय हो कि दोषी मुकेश कुमार नाहन सेंट्रल जेल में एक दुष्कर्म के मामले में 10 साल का कठोर कारावास की सजा काट रहा है।

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