राज्यपाल ने पढ़ाया पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं को परिश्रम, अनुशासन, संस्कार और देशभक्ति का पाठ

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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर का औचक निरीक्षण किया। उनके जाने की जानकारी न तो स्कूल प्रशासन को थी और न ही राज्यपाल के काफिले को। प्रधानचार्य अवकाश पर थे। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी उनके साथ थे। राज्यपाल सीधे जमा दो कक्षा में गए और छात्राओं से जानकारी लेनी शुरू की। चूंकि, यह इतिहास की कक्षा थी, इसलिए प्रश्न भी इतिहास से संबंधित थे। विषय से हटकर उन्होंने स्कूल की सांस्कृतिक गतिविधियों एवं खेल गतिविधियों की जानकारी भी ली। मानव उत्पत्ति से लेकर दुनिया एक गांव जैसे पूछे गए प्रश्नों का छात्राओं ने बेबाकी से उत्तर दिया। कक्षा की छात्रा प्रियंका ने ‘खुशबू के पल कहां ढूंढूं’ गीत गाकर राज्यपाल का स्वागत किया। इसके पश्चात्, वह जमा एक (विज्ञान) की कक्षा में भी गए।

दत्तात्रेय ने छात्राओं को परिश्रम, अनुशासन, संस्कार और देशभक्ति को जीवन में अपनाकर सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने बच्चों को महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और पूर्व राष्ट्रपति श्री अब्दुल कलाम की जीवनी पढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती को स्वच्छता की सेवा के रूप में मना रहे हैं। स्वच्छता के बाद प्रधानमंत्री ने देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हर छात्रा देश के लिए कोई भी कार्य निर्धारित करे और उसपर अमल करे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को तन, मन और बुद्धि की स्वच्छता से भी जोड़ें। उन्होंने छात्राओं से प्रातः जल्दी उठकर योग करने की भी सलाह दी।

एक छात्रा हर्षिता ने राज्यपाल से उनके स्कूली जीवन के बारे में पूछा। इसके अलावा, दिशा, शिवानी, दिव्या इत्यादि छात्राओं ने कई प्रश्न किए और अपनी समस्याएं भी बताईं। इनमें ज्यादातर छात्राओं ने बताया कि वह टुटू, मल्याणा, संजौली, शोघी व ठियोग से यहां पढ़ने आती हैं। उन्हें सरकारी बस सुविधा की कमी है। कुछ ने शौचालयों के बेहतर रखरखाव की बात कही। राज्यपाल ने छात्रावास और लाईब्रेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावासों को हवादार बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के पश्चात्, राज्यपाल ने स्कूल की छात्राओं को संबोधित भी किया। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल को विभिन्न गतिविधियों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कि जो बच्चा निजी स्कूलों के मुकाबले परीक्षा परिणाम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा उसे एक लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि उनका यहां आने का उद्देश्य केवल बच्चों से बातचीत करना और उनके विचारों को जानना है। उन्होंने कहा कि वह स्कूली बच्चों से बातचीत का यह सिलसिला भविष्य में भी जारी रखेंगे।स्कूल की छात्राओं वैदिका, रजनी और आयशा ने इस अवसर पर अपनी प्रस्तुति भी दी।

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