बरसात का पानी पीने को मजबूर कीथ-रूखला गांव

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स्थानीय जनता ने लगाए आरोप …… एसडीओ और जेई कर रहे मनमानी,अपने चहेतों को दे रहे पानीशिमला ..राजधानी शिमला के उपमंडल कोटखाई के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रावलाक्यार के कीथ-रूखला गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस गए है। कीथ-रूखला गांव में अगस्त महीने में कुल दो घंटे के लिए एक ही दिन पानी आया है।उसके बाद लोगों के नलों में पानी की एक भी बूंद नहीं आई है। जिससे दोनों गांव के लोगों में आईपीएच विभाग के प्रति खासा रोष है।स्थानीय लोगों आतिश चौहान, संजय आजाद, अखिल हिमटा, राजेश हिमटा, राजीव आजाद, महेंद्र हिमटा, राकेश हिमटा, दिनेश नेगी, रविना आजाद, पम्मी आजाद, शीला चौहान, कमलेश चौहान का कहना हैं कि कीथ-रूखला गांव को आने वाली पानी की सप्लाई अगस्त महीने में सिर्फ एक ही दिन आई है और यहां की स्थानीय जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस गई है।

स्थानीय जनता ने आईपीएच विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा है कि एसडीओ और जेई अपनी मनमानी करते हैं और अपने चहेतों को पानी की सप्लाई हर दिन देते है और आम जनता को पानी के लिए तरसा रहे हैं। इतना ही नहीं जब उन्हें फोन किया जाता है या तो वह फोन ही नहीं उठाते हैं या फिर मोटर खराब या फिर बिजली न होने का बहाना बनाते हैं।लोगों का कहना हैं कि कीथ-रूखला गांव में तो कोई प्राकृतिक पेयजल के स्त्रोत के साधन भी उपलब्ध नहीं हैं जहां से वह पानी ला सके। ऐसे में लोगों को पानी की काफी दिक्कतें आ रही है। यहां तक की मवेशी भी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस गए हैं। स्थानीय जनता का कहना हैं कि इन दिनों सेब सीजन भी शुरू हो गया है और ऐसे में सेब तुड़ान और भराई के लिए मजदूरों और भरानियों के आने का दौर भी जारी है। ऐसे में लोगों को मजबूरन बरसातों का पानी इकट्ठा करना पड़ रहा हैं जिसका उपयोग वह कपड़ों को धोने और साफ- सफाई के लिए कर रहे हैं पर अब लोग बरसात के पानी को उबाल कर पीने को भी मजबूर हो गए हैं लेकिन आईपीएच विभाग इस ओर कोई सुध नहीं ले रहा हैं और न ही स्थानीय लोगों की समस्याएं सुन रहा है।कीथ-रूखला गांव के लोगों ने आईपीएच विभाग को सख्त तौर पर चेतावनी दी है कि वह नियमित रूप से कीथ और रूखला गांव में पानी की सप्लाई उपलब्ध करवाएं।

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