तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए अटल बिहारी वाजपेयी ने नहीं किया कभी भी समझौता: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने सुशासन दिवस पर अटल स्मृति समारोह को किया संबोधित

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मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जयंती के अवसर पर आज ऐतिहासिक रिज मैदान शिमला पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।

सुशासन दिवस के अवसर पर भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा गेयटी थियेटर में आयोजित अटल स्मृति समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक कुशल राजनीतिज्ञ और महान व्यक्तित्व के स्वामी थे जो अपनी सिद्धांतवादी राजनीति के कारण राष्ट्रीय स्तर के पसंदीदा राजनेता बनकर उभरे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक ख्याति प्राप्त दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने नेतृत्व के उच्चतम मूल्य स्थापित किए और भविष्य में भी देश के विकास के लिए उनके योगदान को याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक उत्कृष्ट वक्ता थे जिनमें श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने क्षमता थी। उन्होंने कहा कि संसद में तनावपूर्ण क्षणों के दौरान भी अटल बिहारी वाजपेयी सहजता से माहौल को तनावमुक्त कर लेते थे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि एक दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति से दूर होने के बावजूद उनकी मृत्यु के समय लाखों युवाओं ने उनकी अन्तिम यात्रा में भाग लिया, जो देशवासियों के जीवन में उनके प्रभाव को दर्शता है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी के लिए देश सर्वप्रथम था और इसलिए देशवासियों द्वारा सच्चे राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत में अनेक क्षेत्रों में बदलाव किए। उन्होंने कहा कि 1998 और 2004 के मध्य छः वर्षों के लिए प्रधानमंत्री के तौर पर अटल बिहारी वाजपेयी को वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारतीय अध्याय का पुनरूत्थान करने का श्रेय प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के दृढ़ संकल्प के फलस्वरूप भारत परमाणु शक्ति बन सका। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी कार्यक्रम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के परिणामस्वरूप ग्रामीण सड़क संपर्क की गति में वृद्धि हुई और प्रदेश की लगभग सभी पंचायतें सड़कों से जुड़ी हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि आज रिज मैदान पर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भारत माता के सपूत को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि 1.08 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 18 फुट प्रतिमा इस महान राजनीतिज्ञ के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्यार और स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मूल्य आधारित राजनीति में विश्वास करते थे और उनकी सादगी, मानवता और उदारता के लिए हमेशा सम्मान के साथ याद किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का हिमाचल प्रदेश के साथ विशेष लगाव था, जिसे वह अपना दूसरा घर भी कहते थे। उन्होंने कहा कि अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी अटल बिहारी वाजपेयी कभी भी हिमाचल आकर यहां कुछ दिन व्यतीत करने का अवसर नहीं छोड़ते थे। उन्होंने कहा कि वे मनाली के निकट प्रीणी स्थित अपने घर में समय बिताकर यहां के हरित वातावरण और गांवों के लोगों से मिलकर उनकी मांगों को सुनते और कविता पाठन करते थे। उन्होंने कहा कि अपनी सादगी और मानवता के कारण वे लाखों लोगो के दिलों पर राज करते थे। उन्होंने हमेशा मूल्यों पर आधारित राजनीति पर विश्वास किया और उन्हें हमेशा उनकी सादगी, मानवता और उदारता के लिए याद रखा जाएगा।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की शिमला इकाई द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया।

जय राम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों विशेषकर ईसाई समुदाय को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के प्रति संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के लगभग नौ करोड़ किसान परिवारों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये की नई किश्त भी हस्तांतरित की।

शहरी विकास मन्त्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी नये सिद्धांतों और आदर्शों के साथ भारतीय राजनीति के साथ जुड़े थे। उन्होंने कहा कि यह उनके सक्षम नेतृत्व के कारण ही संभव हुआ कि भारत पोखरन में पहला भूमिगत परमाणु हथियार बेलिस्टिक मिसाइल के साथ एटाॅमिक शक्ति बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सिद्धांतवादी व्यक्ति थे, क्योंकि उन्होंने तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए कभी भी समझौता नहीं किया।

शिक्षा मन्त्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती हर वर्ष सुशासन दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देशवासियों के लिए भ्रष्टाचार मुक्त और उत्तरदायी शासन सुनिश्चित करने के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध थे।

निदेशक भाषा एवं संस्कृति सुनील शर्मा ने इस अवसर पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

डाॅ. ओपी शर्मा, डाॅ. इंदर सिंह ठाकुर, डाॅ. प्रियंका वैद्य, हितेंदर शर्मा, डाॅ. अंजु पुरी और साक्षी शर्मा ने इस अवसर पर अपनी कविताओं का व्याख्यान किया।

तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. राम लाल मारकंडा, सांसद और राज्य भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा, विधायक बलबीर वर्मा, महापौर शिमला नगर निगम सत्या कौंडल, उप महापौर शैलेंद्र चैहान, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति आरडी धीमान भी इस अवसर पर उपस्थित थे

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