जिला में पोषाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत बच्चों, माताओं तथा किशोरियों को लाभ

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जिला शिमला में 2154 आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 44275 बच्चों को पूरक पोषाहार व 9789 गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा 7881 किशोरियों को एकीकृत बाल विकास परियोजना के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। यह जानकारी आज उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग के तहत महिला एवं बाल विकास जिला शिमला की जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि पूरक पोषाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत 53473 बच्चों को पंजीकृत किया गया है जिनमें से 44275 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत 9725 गर्भवती व धात्री माताओं को तथा 7384 किशोरियों को पोषाहार कार्यक्रम प्रदान किया जा रहा है।
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इसी प्रकार पूर्वशाला शिक्षा के अन्तर्गत 13766 बच्चे लाभान्वित किए जा रहे हैं। 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषाहार स्तर वृद्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर बच्चों के स्वस्थ सुधार में विशेष प्रयास किए जाए। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक माह 46911 बच्चों का वजन लेकर वृद्धि चार्ट तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला में आंगनबाड़ी के तहत 2215 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिनके द्वारा अभी तक कुल 8 करोड़ 87 लाख 86 हजार 900 रू. की बचत की गई है। इसी प्रकार 434 समूहों को बैंको से जोड़ कर 5.8 करोड़ रू. के ऋण आय सृजनात्मक गतिविधियों के लिए उपलब्ध करवाएं गए है। बेटी है अनमोल योजना के तहत प्रथम त्रिमास में 204 लाभार्थियों को 14 लाख 66 हजार रू. की राशि, द्वितीय घटक में 701 लाभार्थियों को 5 लाख 37 हजार रू.की राशि प्रदान कर लाभान्वित किया गया है।
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इसी कड़ी में विशेष घटक उपयोजना के अन्तर्गत आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 2 करोड़ 32 लाख रू. की राशि खर्च कर 94 भवनों का निर्माण किया गया। इसी प्रकार सामान्य योजना के अन्तर्गत 1 करोड़ 37 लाख रू. की राशि खर्च कर 41 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया गया है। उन्होंने इस योजना के तहत भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे जिला, ब्लॉक व चयन्ति पंचायतों में विशेष कार्य योजना तैयार कर प्रभावी रूप से लागू करने के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों एकीकृत बाल विकास योजना के तहत उप मण्डल स्तर की बैठक कर आंगनबाड़ी केन्द्रों की ग्रेडिंग 31 जुलाई से पहले करने के निर्देश दिए।

बैठक मेें सदस्य सचिव एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास राकेश भारद्वाज ने मुख्यातिथि का स्वागत किया व विस्तार पूर्वक सभी मद्दों के सम्बन्ध विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अतिरिक्त उपायुक्त डी.के.रतन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 नीरज मित्तल, उप निदेशक उच्चतर शिक्षा अजय शर्मा के अतिरिक्त सभी बाल विकास अधिकारी व आंगनबाड़ी प्रशिक्षण के प्रधानार्चाय उपस्थित थे।

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