आपसी बातचीत से सुलझाएं पारिवारिक झगड़े- नेहा शर्मा

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Domestic violence
कानून की दृष्टि से सभी समान हैं, समाज के कमजोर,गरीब वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अदालती कार्यवाही के लिए मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान का प्रावधान है। यह बात आज सिविल जज नेहा शर्मा ने शिमला जिला के बसंतपुर खंड की गा्रम पंचायत चेबड़ी में आयोजित विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला, नाबालिग बच्चे, अनुसूचित जाति व जनजाति से सम्बन्ध रखने वाले नागरिक, आपदाग्रस्त क्षेत्र के निवासी मुफ्त कानूनी सहायता के हकदार है। उन्होंने बताया कि आम नागरिक जिनकी वार्षिक आय एक लाख रूप्ए से कम हो, भी मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए सादे कागज पर जिला व उपमंडल स्तर पर स्थापित विधिक साक्षरता प्राधिकरण में प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। प्रार्थी को अपने प्रार्थनापत्र के साथ उम्र, आय व जाति का प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा।

नेहा शर्मा ने कहा कि छोटे-मोटे पारिवारिक तथा सामाजिक झगड़ों को आपसी बातचीत से पंचायत स्तर पर सुलझाना चाहिए ताकि परिवार व समाज में आपसी मेलजोल की भावना बनी रहे। उन्होंने कहा कि शीघ्र व सस्ता न्याय प्राप्त करने के लिए लोगों को आपसी मामले लोक अदालतों तथा मध्यस्तता प्रणाली के माध्यम से सुलझाने की पहल करनी चाहिए। मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की रजामंदी से किया जाता है। उन्होंने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए जिला न्यायालय में फ्रंट ऑफिस स्थापित किए गए हैं जहां पर लोग अपने मामलों के बारे में ेजानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अधिवक्ता रीना शर्मा ने बाल विवाह, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम तथा अधिवक्ता कुसुम वर्मा ने भरण पोषण, घरेलू हिंसा तथा मोटर वाहन अधिनियम बारे विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर स्थानीय पंचायत के प्रधान डेशीलाल सहित पंचायत के अन्य लोग भी उपस्थित थे।

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