अब पंचायतों को दिया धन नहीं होगा लैप्स, जरूरत के हिसाब से योजनाओं का बजट कर सकेंगे शिफ्ट

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अब पंचायतों के विकास को लेकर विभिन्न योजना के लिए जारी किया पैसों धन लैप्स नहीं होगा। पंचायतों को जारी की गई राशि को शत प्रतिशत उपयोग में लाया जाएगा। योजना का जो पैसा फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण फंसा हुआ है और वह उपयोग में नहीं लाया जा रहा है तो सरकार उसे उसी पंचायत के दूसरे काम पर व्यय करेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को पंचायतों में चल रही उन योजनाओं का आंकड़ा इकट्ठा करने को कहा है जिनका पैसा फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण फंसा हुआ है। लोगों को योजनाओं का लाभ देने के लिए अौर पंचायतों का विकास करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार का तर्क है कि पंचायतों के विकास कार्य के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है लेकिन योजनाओं के लिए कई तरह की औपचारिकताए को पूरा करना पड़ता है। जिसमें अधिक समय लग रहा है और लोगों को इससे न तो एक योजना का लाभ मिल पा रहा है और न ही दूसरी योजना शुरू हो पा रही है।
एमएलए और एमपी फंड का पैसा किया जाएगा ट्रांसफर
पंचायतों के विकास के लिए प्रदेश में जो एमएलए और एमपी हैड से पैसा जारी किया गया है और वह अभी तक उपयोग में नहीं लाया गया है सरकार उसे पैसे को किसी दूसरी योजना पर ट्रांसफर करेगी। इसके लिए सरकार विधायकों और सांसदों से बाकायदा अनुमति लेगी । सरकार प्रतिनिधियों से पैसों को दूसरी जगह खर्च करने की अनुमति मांगेगी। इसके बाद पैसों को सदुपयोग में लाया जाएगा। इसमें डीसी हैड से जारी किया गया पैसा जो अभी तक किन्हीं कारणों से खर्च नहीं किया गया है उसे भी शामिल किया गया है। इसके लिए डीसी से भी अनुमति ली जाएगी।
ब्लाकों से मांग रुके हुए कार्यों का ब्योरा
सरकार ने प्रदेश में सभी ब्लाकों से रुके हुए कार्यों का ब्योरा मांग लिया है। सरकार जानना चाह रही है कि पंचायतों के विकास कार्यों के लिए किस हैड से कितना पैसा जारी हुआ है और कितना पैसा फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण फंसा हुआ है। पंचायत उन्हें उपयोग में नहीं ला पा रही है। उन पैसों को दूसरी जगह इस्तेमाल में लाने के लिए सरकार ने रुके हुए कार्यों का ब्योरा मांग लिया है।
पंचायतों के विकास कार्यों में अब आएगी तेजी
सरकार के इस निर्णय से पंचायतों के विकास कार्यों में अब तेजी आएगी। एमएलए और एमपी हैड का जो पैसा उपयोग में नहीं लाया जा रहा था उन्हें दूसरे अन्य विकास कार्यों को लिए खर्च किया जाएगा। इससे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। अब पंचायतों को काम के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस के चक्कर में नहीं पड़ना पढ़ेगा जो काम आसानी से हो जाएंगें जारी किए गए पैसों को वहीं पर जन हित के लिए खर्च किया जाएगा।
प्रदेश में सभी ब्लाकों से उन सभी कार्यों की सूची मांग ली गई है जहां पर जारी किया गया पैसा अभी तक खर्च नहीं किया गया है। पैसा जिस हैड से जारी हुआ है उन प्रतिनिधियों से अनुमति लेकर पैसों को दूसरी अन्य योजना पर खर्च किया जाएगा। ताकि पैसों को सदुपयोग में लाया जा सके।
अनिल शर्मा, ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री हि.प्र.

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